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अंत्येष्टि स्थलों के जीर्णोद्धार से जुड़े प्रस्ताव पर उठ रहे सवाल

Mon, 10 Dec 2018 12:17 AM IST
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:17 AM IST
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अंत्येष्टि स्थलों के जीर्णोद्धार से जुड़े प्रस्ताव पर उठ रहे सवाल
अंत्येष्टि स्थलों के जीर्णोद्धार से जुड़े प्रस्ताव पर उठ रहे सवाल
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सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड की आगामी बैठक में हंगामा होने के आसार हैं। सबसे बड़ा सवाल अंत्येष्टि स्थलों के जीर्णोद्धार से जुड़े प्रस्ताव पर हैं। इसके लिए करीब 5.50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। पार्षदों का कहना है कि प्रस्ताव में अंत्येष्टि स्थलों के साथ ईसाई और मुस्लिम समाज के कब्रिस्तानों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
बोर्ड बैठक के लिए तैयार किए गए एजेंडे में प्रस्ताव संख्या 102 नगर निगम की सीमा में निर्विवादित भूमि पर बने अंत्येष्टि स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए चारदीवारी, शेड, कमरा, चबूतरा, एप्रोच मार्ग, हैंडपंप और मार्ग प्रकाश की व्यवस्था करना शामिल है। इसके लिए नगर निगम ने 5.50 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। पार्षद मंसूर बदर का कहना है कि अंत्येष्टि स्थलों के जीर्णोद्धार का निर्णय स्वागत योग्य है। मगर नगर निगम को इसमें ईसाई और मुस्लिम समाज के कब्रिस्तानों के जीर्णोद्धार को भी शामिल करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि शहर में दबनीवाला कब्रिस्तान है, जो नगर निगम का है। इस कब्रिस्तान पर कब्जे होने का खतरा बना हुआ है। साथ ही प्रकाश आदि तक की व्यवस्था नहीं है। नगर निगम को चाहिए कि वह उक्त कब्रिस्तान को भी शामिल करे। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 114 की उपधारा (4) में स्पष्ट उल्लेख है कि नगर निगम अपनी भूमि पर सड़कों का निर्माण और सफाई व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि यदि सिख समुदाय के अंत्येष्टि स्थल पर भी सुधार की जरूरत है तो उसका भी जीर्णोद्धार कराया जाए। बदर ने बताया कि वह बोर्ड की बैठक में अपनी मांग को पुरजोर तरीके से रखेंगे।
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नगर निगम किसी एक संप्रदाय का नहीं
बसपा पार्षद दल के नेता और वार्ड संख्या 15 से पार्षद चंद्रजीत सिंह निक्कू ने भी आपत्ति व्यक्त की है। उनका कहना है कि वह नगर निगम का पैसा किसी एक संप्रदाय के लोगों का नहीं है। शहर रहने वाला प्रत्येक संप्रदाय का व्यक्ति नगर निगम को टैक्स चुकाता है। ऐसे में किसी एक संप्रदाय के विकास पर पैसा खर्च करना ठीक नहीं है। बसपा पार्षद दल का नेता होने के नाते बैठक में इसका विरोध किया जाएगा।
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प्रस्ताव संख्या 102 में अंत्येष्टि स्थल से मतलब श्मशान घाट से ही है। नगर क्षेत्र में अनेक श्मशान घाटों की हालत खराब है। चूंकि कब्रिस्तानों की चारदीवारी पहले से हैं। इसलिए कब्रिस्तानों को शामिल नहीं किया गया है। मगर यदि कोई कब्रिस्तान ऐसा है, जिसमें सुधार कराए जाने की जरूरत है तो बोर्ड उसे भी शामिल करेगा। -- संजीव वालिया, महापौर।
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