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देवबंद और यहां से जारी फतवों को पूरी दुनिया मानती है: मदनी
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:28 AM IST
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देवबंद(सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के देवबंद का नाम बदले जाने तथा यहां से जारी होने वाले फतवों पर सवाल उठाने वाले बयान पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने दो टूक कहा कि देवबंद और यहां से जारी होने वाले फतवों को पूरी दुनिया मानती है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर देवबंद का नाम बदलना चाहते हैं तो बदल दे इसमें हमारा क्या जाता है।
शनिवार को वसीम रिजवी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि हर आदमी की बात पर जवाब नहीं दिया जा सकता, लेकिन इतना जरूर है कि दारुल उलूम से जो फतवे जारी होते हैं उनको पूरी दुनिया मानती है। इसके लिए दारुल उलूम या कोई भी उलमा उन्हें इसे मानने के लिए बाध्य नहीं करता। मुफ्ती सिर्फ उस व्यक्ति को कुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब देते हैं जो उनसे कोई सवाल करता है। यह कह देना कि दारुल उलूम से पूरी मुस्लिम कौम के लिए फतवा जारी किया गया है यह सरासर गलत है। सही बात पर कोई दूसरा भी अमल करे तो इसमें क्या हर्ज है। देवबंद का नाम बदले जाने वाले रिजवी के बयान पर मौलाना मदनी ने कहा कि नाम बदलना चाहें तो बदल सकते हैं नाम बदलने से हमारा क्या जाता है। बता दें कि इससे पूर्व भी देवबंद का नाम देववृंद किए जाने की मांग कुछ संगठनों द्वारा उठाई गई थी। जिस पर मौलाना अरशद मदनी ने साफ कहा था कि देवबंद का नाम बदलकर कुछ भी रख सकते हैं इसमें हमें कोई ऐतराज नहीं है।
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शनिवार को वसीम रिजवी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि हर आदमी की बात पर जवाब नहीं दिया जा सकता, लेकिन इतना जरूर है कि दारुल उलूम से जो फतवे जारी होते हैं उनको पूरी दुनिया मानती है। इसके लिए दारुल उलूम या कोई भी उलमा उन्हें इसे मानने के लिए बाध्य नहीं करता। मुफ्ती सिर्फ उस व्यक्ति को कुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब देते हैं जो उनसे कोई सवाल करता है। यह कह देना कि दारुल उलूम से पूरी मुस्लिम कौम के लिए फतवा जारी किया गया है यह सरासर गलत है। सही बात पर कोई दूसरा भी अमल करे तो इसमें क्या हर्ज है। देवबंद का नाम बदले जाने वाले रिजवी के बयान पर मौलाना मदनी ने कहा कि नाम बदलना चाहें तो बदल सकते हैं नाम बदलने से हमारा क्या जाता है। बता दें कि इससे पूर्व भी देवबंद का नाम देववृंद किए जाने की मांग कुछ संगठनों द्वारा उठाई गई थी। जिस पर मौलाना अरशद मदनी ने साफ कहा था कि देवबंद का नाम बदलकर कुछ भी रख सकते हैं इसमें हमें कोई ऐतराज नहीं है।
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