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दहेज हत्या में पति समेत तीन को दस-दस साल का कारावास
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:54 AM IST
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दहेज हत्या में पति समेत तीन को दस-दस साल का कारावास
सहारनपुर। गंगोह में छह वर्ष पूर्व दहेज के लिए विवाहिता की हत्या किए जाने के आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या पांच ने आरोपी पति, ससुर और ननद को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अजय राठौर ने बताया कि गंगोह निवासी सोनिया की शादी गंगोह के ही विपिन के साथ 22 फरवरी 2011 में हुई थी। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग शादी के दो माह बाद से ही सोनिया को परेशान करने लगे। दो लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बनाते हुए प्रताड़ित करते थे। 16 मार्च 2012 को सोनिया के पिता शोभित को सूचना मिली कि सोनिया की मौत हो गई है। जिस पर उसने गंगोह थाना में पति विपिन, ससुर जनेश्वर, सास राजबाला, देवर विक्की तथा ननद गुड्डी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
एडीजीसी अजय राठौर ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद विपिन, जनेश्वर, विक्की और गुड्डी के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी, जबकि सास राजबाला को निर्दोष माना था। वहीं, मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या पांच रविकांत की न्यायालय में चली। पत्रावली और साक्ष्यों के अवलोकन तथा गवाहों के बयान हुए। आरोपी विक्की के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। इसके चलते साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पति विपिन, ससुर जनेश्वर और ननद गुड्डी को हत्या का दोषी पाया गया। तीनों आरोपियों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा पांच-पांच हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
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सहारनपुर। गंगोह में छह वर्ष पूर्व दहेज के लिए विवाहिता की हत्या किए जाने के आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या पांच ने आरोपी पति, ससुर और ननद को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अजय राठौर ने बताया कि गंगोह निवासी सोनिया की शादी गंगोह के ही विपिन के साथ 22 फरवरी 2011 में हुई थी। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग शादी के दो माह बाद से ही सोनिया को परेशान करने लगे। दो लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बनाते हुए प्रताड़ित करते थे। 16 मार्च 2012 को सोनिया के पिता शोभित को सूचना मिली कि सोनिया की मौत हो गई है। जिस पर उसने गंगोह थाना में पति विपिन, ससुर जनेश्वर, सास राजबाला, देवर विक्की तथा ननद गुड्डी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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एडीजीसी अजय राठौर ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद विपिन, जनेश्वर, विक्की और गुड्डी के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी, जबकि सास राजबाला को निर्दोष माना था। वहीं, मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या पांच रविकांत की न्यायालय में चली। पत्रावली और साक्ष्यों के अवलोकन तथा गवाहों के बयान हुए। आरोपी विक्की के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। इसके चलते साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पति विपिन, ससुर जनेश्वर और ननद गुड्डी को हत्या का दोषी पाया गया। तीनों आरोपियों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा पांच-पांच हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
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