फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   खांसी जुकाम तक की दवाओं का टोटा

खांसी जुकाम तक की दवाओं का टोटा

Sat, 11 Aug 2018 11:24 PM IST
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खांसी जुकाम तक की दवाओं का टोटा
जिला अस्पताल में खांसी जुकाम तक की दवाओं का टोटा
विज्ञापन


सहारनपुर। बरसात के दौरान जहां बीमारियां बढ़ रही हैं। वहीं, जिला अस्पताल दवाओं की कमी से जूझ रहा है। हाल यह है कि जटिल बीमारियां तो दूर खांसी जुकाम तक की दवाओं का भी टोटा झेलना पड़ रहा है। दवाओं की किल्लत मरीजों और तीमारदारों की मुश्किल बढ़ा रही है। पर्याप्त दवाएं न मिलने से मरीजों का सही इलाज नहीं हो पा रहा है। इस वजह से मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। साथ ही जरूरी दवाएं नहीं मिलने की वजह से मरीजों की बीमारी लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में मरीजों बाहर के मेडिकल स्टोर्स से मंहगे दाम पर दवाएं खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यहां सामान्य से लेकर जटिल बीमारियों की करीब 258 प्रकार की दवाएं रहती हैं, मगर पिछले कुछ महीने से दवाएं लगातार खत्म हो रही हैं। वर्तमान में 148 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं। नतीजा यह है कि ओपीडी से मरीज को चार से पांच दवाएं लिखी जा रही हैं, मगर स्टोर पर मुश्किल से दो या तीन दवाएं ही मिल पा रही हैं। ऐसे में गरीब और लाचार मरीज उपलब्ध दवाओं के सहारे ही अपनी बीमारी ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। जो थोड़ा भी सक्षम हैं वह बाहर से महंगे दाम पर दवाएं खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में मरीज के साथ ही तीमारदार भी परेशान हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में औषधि केंद्र के बाहर मिले 70 वर्षीय हरमल ने बताया कि उसको बुखार की शिकायत है। डॉक्टर ने दवा लिखी थी, मगर केवल दो दवाएं दी हैं, जबकि तीन दवाएं नहीं मिली हैं। शर्मिष्ठा और पिंकी ने बताया कि वह एलर्जी की दवा लेने के लिए आई थीं, मगर कुछ ही दवाएं मिली हैं। एलर्जी की ट्यूब और लोशन नहीं मिला है।
---
खत्म हुई प्रमुख दवाएं
अस्पताल में जो दवाएं नहीं हैं। उनमें पेट दर्द, गैस, दमा, फोड़े फुंसी से लेकर अन्य रोगों में जरूरी दवाएं तक कम पड़ गई हैं। एक चिकित्सक ने बताया कि उनके पास प्रतिदिन आने वाले मरीजों में 30 से 40 फीसदी मरीज पेट में गैस की समस्या होने की बात कहते हैं, मगर सीमित दवाएं होने के कारण परेशानी हो रही है। एंटी फंगल और एंटी बायोटिक दवाओं की मांग भी सबसे अधिक रहती है, मगर यह दवाएं भी खत्म हैं।
विज्ञापन

-----------------------------------
जन औषधि केंद्र ने भी हाथ खड़े किए
करीब एक महीने पहले जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। मगर दवाएं न होने की वजह से यह केंद्र भी अभी तक लोगों के काम नहीं आ सका है। जन औषधि केंद्र पर 700 प्रकार की दवाएं होनी चाहिएं, मगर मुश्किल से 120 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हो रही हैं। ऐसे में सस्ती दवाओं की उम्मीद लेकर आ रहे मरीज और तीमारदार निराश होकर लौट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------------------------
कांवड़ यात्रा का बताया जा रहा असर
जन औषधि केंद्र पर दवाओं की आमद न होने की प्रमुख वजह कांवड़ की वजह से यातायात बाधित होना बताया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि दवाएं लखनऊ से आती हैं, जो कांवड़ मार्ग की वजह से रुकी हुई थीं। दो से तीन दिन में दवाएं आने की बात कही गई है। उधर, जिला अस्पताल सूत्रों ने बताया दवा सप्लाई करने वाली कंपनी की ओर से दवा भेजने में देरी की जा रही है।

-----------------------------------
अस्पताल में जरूरी दवाओं की कोई कमी नहीं है। हम दवाओं की मांग समय-समय पर भेजते रहते हैं और दवाएं आती रहती हैं। कई बार दवा आने में समय लगता है। इसकी वजह से थोड़ी परेशानी रहती है। इसके अलावा किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed