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अधिवक्ता फरहा फैज के साथ मारपीट की घटना निंदनीय: उलमा
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:30 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। टीवी चैनल की लाइव डिबेट में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता व तीन तलाक मामले की याचिकाकर्ता फरहा फैज के साथ मारपीट की घटना को देवबंदी उलमा ने शर्मनाक बताते हुए इसकी निंदा की है। उलमा का कहना है कि महिलाओं का सम्मान करना हमारे लिए जरूरी है। मुफ्ती एजाज अरशद कासमी को कुछ बुरा लगा था तो उन्हें डिबेट को छोड़ देना चाहिए था।
तीन तलाक मामले की मुख्य याचिकाकर्ता फरहा फैज के साथ टीवी चैनल की डिबेट में हुई मारपीट की घटना पर मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी का कहना है कि विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तमाम इस्लाम के जानकारों को टीवी चैनल की डिबेट में शामिल होने से इंकार किया हुआ है। जिसके पीछे कई ठोस वजह बताई गई थीं। मुफ्ती एजाज अरशद और फरहा फैज के बीच हुई मारपीट की घटना उलमा की बात न मानने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब मुफ्ती एजाज के साथ बदतमीजी हो रही थी तो उन्हें तुरंत ही डिबेट से उठकर चले जाना चाहिए था। महिला के ऊपर हाथ नहीं उठाना चाहिए था। उसी तरह फरहा फैज को भी चाहिए था कि वह मुफ्ती एजाज की इज्जत करतीं। महिला होने का मतलब यह नहीं की वह हाथ उठाएं। ऑल इंडिया जमीयत राजपूत के अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा का कहना है कि फरहा फैज के साथ हुई मारपीट की घटना निंदनीय है। महिलाओं का सम्मान करना हमारे लिए जरूरी है। मुफ्ती एजाज को यह याद होना चाहिए कि नबी-ए-करीम ने बूढ़ों, बच्चों और औरतों का अहतराम (इज्जत) करने को कहा है और इन पर हाथ उठाने को मना फरमाया है। टीवी चैनल की डिबेट में जो हुआ वो बहुत ही शर्मनाक है।
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तीन तलाक मामले की मुख्य याचिकाकर्ता फरहा फैज के साथ टीवी चैनल की डिबेट में हुई मारपीट की घटना पर मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी का कहना है कि विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तमाम इस्लाम के जानकारों को टीवी चैनल की डिबेट में शामिल होने से इंकार किया हुआ है। जिसके पीछे कई ठोस वजह बताई गई थीं। मुफ्ती एजाज अरशद और फरहा फैज के बीच हुई मारपीट की घटना उलमा की बात न मानने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब मुफ्ती एजाज के साथ बदतमीजी हो रही थी तो उन्हें तुरंत ही डिबेट से उठकर चले जाना चाहिए था। महिला के ऊपर हाथ नहीं उठाना चाहिए था। उसी तरह फरहा फैज को भी चाहिए था कि वह मुफ्ती एजाज की इज्जत करतीं। महिला होने का मतलब यह नहीं की वह हाथ उठाएं। ऑल इंडिया जमीयत राजपूत के अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा का कहना है कि फरहा फैज के साथ हुई मारपीट की घटना निंदनीय है। महिलाओं का सम्मान करना हमारे लिए जरूरी है। मुफ्ती एजाज को यह याद होना चाहिए कि नबी-ए-करीम ने बूढ़ों, बच्चों और औरतों का अहतराम (इज्जत) करने को कहा है और इन पर हाथ उठाने को मना फरमाया है। टीवी चैनल की डिबेट में जो हुआ वो बहुत ही शर्मनाक है।
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