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अयोध्या में आरएसएस ने षडयंत्र के तहत किया ड्रामा: उलमा
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:09 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। अयोध्या में सरयू जल से वुजू करने का विरोध करने तथा हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष पांडेय के मस्जिदों में हनुमान चालीसा का पाठ कराने वाले बयान पर देवबंदी उलमा का कहना है कि यह आरएसएस का षड्यंत्र है। आगामी चुनाव में लाभ उठाने के लिए पहले कार्यक्रम का आयोजन करना और फिर विरोध करना साजिश का हिस्सा है, जबकि मस्जिदों में हनुमान चालीसा का पाठ कराने वाला बयान मुसलमानों को भड़काने का प्रयास है।
जमीयत फलाहे इंसानियत के महासचिव मौलाना शाहआलम कासमी का कहना है कि सरयू तट पर जो कार्यक्रम होना था वो आरएसएस की शाखा के द्वारा किया जा रहा था और कार्यक्रम का विरोध करने वाले भी आरएसएस के लोग हैं। उनकी मंशा है कि देश के मुसलमानों को यह दिखाएं कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मुसलमान तैयार हैं। इसके जरिये वह आगामी लोकसभा चुनाव में लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोशिश की जा रही है कि मुसलमानों की भावनाएं भड़काकर देश का माहौल खराब किया जाए। इसलिए सभी मुस्लिमों को चाहिए कि वह संयम से काम लें। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड का कहना है कि अयोध्या में जो कुछ किया गया वो आपसी सांठगांठ का हिस्सा है। देश के दुश्मन मुल्क के हालात बिगाडने के लिए तरह तरह की साजिशें रच रहे हैं। कभी भड़काऊ बयान देते हैं तो कभी सरयू तट पर प्लॉनिंग के तहत ऐसा ड्रामा करते हैं जिससे धार्मिक भावनाओं को आहत करके अपना उल्लू सीधा कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक है। जमीर फरोश लोगों को होश में आना चाहिए और आरएसएस की चाल को समझ लेना चाहिए।
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जमीयत फलाहे इंसानियत के महासचिव मौलाना शाहआलम कासमी का कहना है कि सरयू तट पर जो कार्यक्रम होना था वो आरएसएस की शाखा के द्वारा किया जा रहा था और कार्यक्रम का विरोध करने वाले भी आरएसएस के लोग हैं। उनकी मंशा है कि देश के मुसलमानों को यह दिखाएं कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मुसलमान तैयार हैं। इसके जरिये वह आगामी लोकसभा चुनाव में लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोशिश की जा रही है कि मुसलमानों की भावनाएं भड़काकर देश का माहौल खराब किया जाए। इसलिए सभी मुस्लिमों को चाहिए कि वह संयम से काम लें। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड का कहना है कि अयोध्या में जो कुछ किया गया वो आपसी सांठगांठ का हिस्सा है। देश के दुश्मन मुल्क के हालात बिगाडने के लिए तरह तरह की साजिशें रच रहे हैं। कभी भड़काऊ बयान देते हैं तो कभी सरयू तट पर प्लॉनिंग के तहत ऐसा ड्रामा करते हैं जिससे धार्मिक भावनाओं को आहत करके अपना उल्लू सीधा कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक है। जमीर फरोश लोगों को होश में आना चाहिए और आरएसएस की चाल को समझ लेना चाहिए।
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