{"_id":"5ac279864f1c1bbf618b5190","slug":"81522694534-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूड़ाघर के लिए फिर से चिह्नित की गई जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूड़ाघर के लिए फिर से चिह्नित की गई जमीन
Updated Tue, 03 Apr 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कूड़ाघर के लिए फिर से चिह्नित की गई जमीन
छुटमलपुर। ग्राम पंचायत द्वारा 16 वर्ष पूर्व कूड़ाघर के लिए खरीदी गई जमीन पर पैठ बाजार शुरू कर दिया गया। लेकिन यह ठीक से आबाद नहीं हो सका। इसके चलते पंचायत इस जमीन को फिर से कूड़ाघर के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव करने जा रही है ताकि लोगों को गंदगी से निजात मिल सके।
बता दें कि छुटमलपुर में दो दशक से भी ज्यादा समय से सारी आबादी का कूड़ा रुड़की रोड पर इंटर कालेज के पास डाला जा रहा है। इसके चलते यहां कूड़े के पहाड़ बन गए हैं। सामाजिक संस्था वी द्वारा लंबे समय से इस कूडे़ को हटवाने के लिए कवायद की जा रही थी जो रंग ला गई है। मंडलायुक्त के आदेश के बाद लेखपाल मनोज गुप्ता द्वारा छुटमलपुर ग्राम पंचायत में सरकारी जमीन की खोज की गई तो पता चला कि वर्ष 2002 में तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा कूड़ाघर के लिए एक बीघा जमीन राज्यपाल के नाम खरीदी गई थी। परंतु इस जमीन पर कूड़ाघर की बजाय हाट पैठ बाजार का निर्माण कर दिया गया। लेकिन श्मशान घाट के पास होने के कारण यह बाजार एक दिन भी नहीं चल सका। अराजक तत्वों ने इसकी टीन शेड क्षतिग्रस्त कर दी और यहां अब झाड़ियां हैं। लेखपाल मनोज गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट एसडीएम के माध्यम से मंडलायुक्त महोदय को भेज दी है जिसमें कूड़ाघर की जमीन पंचायत के पास होना लिखा है।
ग्राम प्रधान शमा प्रवीन ने बताया कि जल्द ही खुली बैठक बुला कर अधिकारियों की मौजूदगी में उक्त जमीन का कूडा घर के लिए प्रस्ताव करके इंटर कालेज के पास पड़े कूडे को यहां स्थानांतरित कराया जाएगा। ताकि स्कूल में आने वाले हजारों बच्चों और शमशान घाट में अपने प्रियजनों के शव लेकर जाने वालों को चौबीसों घंटे यहां से उठती दुर्गंध से राहत मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
छुटमलपुर। ग्राम पंचायत द्वारा 16 वर्ष पूर्व कूड़ाघर के लिए खरीदी गई जमीन पर पैठ बाजार शुरू कर दिया गया। लेकिन यह ठीक से आबाद नहीं हो सका। इसके चलते पंचायत इस जमीन को फिर से कूड़ाघर के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव करने जा रही है ताकि लोगों को गंदगी से निजात मिल सके।
बता दें कि छुटमलपुर में दो दशक से भी ज्यादा समय से सारी आबादी का कूड़ा रुड़की रोड पर इंटर कालेज के पास डाला जा रहा है। इसके चलते यहां कूड़े के पहाड़ बन गए हैं। सामाजिक संस्था वी द्वारा लंबे समय से इस कूडे़ को हटवाने के लिए कवायद की जा रही थी जो रंग ला गई है। मंडलायुक्त के आदेश के बाद लेखपाल मनोज गुप्ता द्वारा छुटमलपुर ग्राम पंचायत में सरकारी जमीन की खोज की गई तो पता चला कि वर्ष 2002 में तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा कूड़ाघर के लिए एक बीघा जमीन राज्यपाल के नाम खरीदी गई थी। परंतु इस जमीन पर कूड़ाघर की बजाय हाट पैठ बाजार का निर्माण कर दिया गया। लेकिन श्मशान घाट के पास होने के कारण यह बाजार एक दिन भी नहीं चल सका। अराजक तत्वों ने इसकी टीन शेड क्षतिग्रस्त कर दी और यहां अब झाड़ियां हैं। लेखपाल मनोज गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट एसडीएम के माध्यम से मंडलायुक्त महोदय को भेज दी है जिसमें कूड़ाघर की जमीन पंचायत के पास होना लिखा है।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान शमा प्रवीन ने बताया कि जल्द ही खुली बैठक बुला कर अधिकारियों की मौजूदगी में उक्त जमीन का कूडा घर के लिए प्रस्ताव करके इंटर कालेज के पास पड़े कूडे को यहां स्थानांतरित कराया जाएगा। ताकि स्कूल में आने वाले हजारों बच्चों और शमशान घाट में अपने प्रियजनों के शव लेकर जाने वालों को चौबीसों घंटे यहां से उठती दुर्गंध से राहत मिल सके।
विज्ञापन