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बकाया भुगतान में कोताही बरती तो मिल मालिकों के खिलाफ होगी कार्रवाई: डीएम
Updated Tue, 03 Apr 2018 12:28 AM IST
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बकाया भुगतान में कोताही बरती तो मिल मालिकों के खिलाफ होगी कार्रवाई : डीएम
सहारनपुर। डीएम पीके पांडे ने शुगर मिल के प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे जल्द ही बकाया का भुगतान करें। गांगनौली, शेरमऊ और गागलहेड़ी मिल रोजाना एक करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान करें। ऐसा नहीं होने पर मिल मालिकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ने जनपद की चीनी मिलों के प्रधान प्रबंधकों/अध्यासियों की बैठक में मिलवार गन्ना खरीद, पेराई व गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। जिले की चीनी मिलों द्वारा अब तक कुल 397 लाख कुंतल गन्ने की पेराई की गई है जिसके सापेक्ष कुल 1135 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य देय हुआ और इस देय के सापेक्ष चीनी मिलों ने 746 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है जो कुल देय का 65 प्रतिशत है। डीएम ने सख्त रवैया अपनाते हुए शुगर मिल के प्रतिनिधियों को जल्द ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश दिए।
चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने डीएम को बताया कि वर्तमान में चीनी के दाम निरंतर गिर रहे हैं। चीनी 3000 रुपये प्रति कुंतल पर आ गई है। इसके चलते चीनी का उठान नहीं हो पा रहा है, इसलिए गन्ना मूल्य भुगतान में कठिनाई आ रही है।
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जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी डीएम को बताया कि नियमानुसार गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं। इसको लेकर किसान लगातार अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए ज्ञापन दे रहे हैं। शेरमऊ मिल के उपाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, गांगनौली के यूनिट हेड वाईपी सिंह, देवबंद के डॉ.वीएस तोमर, गागलहेड़ी से अली मोहम्मद, नानौता से एसडी सिंह, सरसावा से चेतन शर्मा, बिड़वी से जेएन गुप्ता आदि रहे।
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सहारनपुर। डीएम पीके पांडे ने शुगर मिल के प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे जल्द ही बकाया का भुगतान करें। गांगनौली, शेरमऊ और गागलहेड़ी मिल रोजाना एक करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान करें। ऐसा नहीं होने पर मिल मालिकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ने जनपद की चीनी मिलों के प्रधान प्रबंधकों/अध्यासियों की बैठक में मिलवार गन्ना खरीद, पेराई व गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। जिले की चीनी मिलों द्वारा अब तक कुल 397 लाख कुंतल गन्ने की पेराई की गई है जिसके सापेक्ष कुल 1135 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य देय हुआ और इस देय के सापेक्ष चीनी मिलों ने 746 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है जो कुल देय का 65 प्रतिशत है। डीएम ने सख्त रवैया अपनाते हुए शुगर मिल के प्रतिनिधियों को जल्द ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश दिए।
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चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने डीएम को बताया कि वर्तमान में चीनी के दाम निरंतर गिर रहे हैं। चीनी 3000 रुपये प्रति कुंतल पर आ गई है। इसके चलते चीनी का उठान नहीं हो पा रहा है, इसलिए गन्ना मूल्य भुगतान में कठिनाई आ रही है।
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जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी डीएम को बताया कि नियमानुसार गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं। इसको लेकर किसान लगातार अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए ज्ञापन दे रहे हैं। शेरमऊ मिल के उपाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, गांगनौली के यूनिट हेड वाईपी सिंह, देवबंद के डॉ.वीएस तोमर, गागलहेड़ी से अली मोहम्मद, नानौता से एसडी सिंह, सरसावा से चेतन शर्मा, बिड़वी से जेएन गुप्ता आदि रहे।