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महिलाओं के प्रति संवेदनशील बने पुलिस - एसएसपी बबलू कुमार
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:16 AM IST
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सहारनपुर। एसएसपी बबलू कुमार ने कहा है कि पुलिस महिलाओं के प्रति संवेदनशील बने। थाने आने वाली महिलाओं के साथ पुलिस परिवार जैसा व्यवहार करें। जिससे महिलाओं के मन में पुलिस की छवि अच्छी बने और महिलाएं अपनी बात निसंकोच होकर बता सकें। जिससे उनकी शिकायतों का निस्तारण किया जा सके।
एसएसपी बबलू कुमार मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को अपने व्यवहार में सुधार लाने और महिलाओं को उनके अधिकारों तथा विषम परिस्थितियों से जूझने के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी फोर्स में महिलाओं की संख्या में वृद्धि की जा रही है। इसका सीधा फायदा महिलाओं को मिलेगा। ज्यादातर लोग पुलिस की असंवेदनशीलता के चलते थाने पर जाने से बचते हैं। महिलाएं तो कभी भी थाने नहीं जाना चाहती। पुलिस को महिलाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। महिलाओं के प्रति संवेदनशील होने से न केवल पुलिस की छवि सुधरेगी बल्कि देश की महिलाएं बेरोकटोक थाने पर पहुंचेगी। थाने आने पर अपने परिवार की महिलाओं की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए। जिससे पीड़ित महिला अपनी शिकायत को खुलकर पुलिस के सामने बता सके।
उन्होंने कहा कि जब भी कोई महिला अथवा बच्ची किसी प्रकार की समस्या में फंसी है या पीड़ित हैं तो वह अपनी शिकायत सीधे 1090, यूपी 100 अथवा सिटीजन इमरजेंसी एप के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकती है। उसके नाम और पहचान गोपनीय रहेगी और उसकी समस्या का निराकरण भी होगा।
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उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालय जहां छात्र-छात्राएं एक साथ पढ़ते हैं। वहां छात्रों को जानकारी दी जाए कि महिलाओं के साथ किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्व्यवहार उनके द्वारा किया जाता है तो इसके दुष्परिणाम उनको झेलने होंगे। बैठक का आयोजन क्षेत्राधिकारी नगर इंदू सिद्धार्थ ने किया तथा संचालन एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने किया।
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एसएसपी बबलू कुमार मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को अपने व्यवहार में सुधार लाने और महिलाओं को उनके अधिकारों तथा विषम परिस्थितियों से जूझने के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी फोर्स में महिलाओं की संख्या में वृद्धि की जा रही है। इसका सीधा फायदा महिलाओं को मिलेगा। ज्यादातर लोग पुलिस की असंवेदनशीलता के चलते थाने पर जाने से बचते हैं। महिलाएं तो कभी भी थाने नहीं जाना चाहती। पुलिस को महिलाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। महिलाओं के प्रति संवेदनशील होने से न केवल पुलिस की छवि सुधरेगी बल्कि देश की महिलाएं बेरोकटोक थाने पर पहुंचेगी। थाने आने पर अपने परिवार की महिलाओं की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए। जिससे पीड़ित महिला अपनी शिकायत को खुलकर पुलिस के सामने बता सके।
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उन्होंने कहा कि जब भी कोई महिला अथवा बच्ची किसी प्रकार की समस्या में फंसी है या पीड़ित हैं तो वह अपनी शिकायत सीधे 1090, यूपी 100 अथवा सिटीजन इमरजेंसी एप के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकती है। उसके नाम और पहचान गोपनीय रहेगी और उसकी समस्या का निराकरण भी होगा।
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उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालय जहां छात्र-छात्राएं एक साथ पढ़ते हैं। वहां छात्रों को जानकारी दी जाए कि महिलाओं के साथ किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्व्यवहार उनके द्वारा किया जाता है तो इसके दुष्परिणाम उनको झेलने होंगे। बैठक का आयोजन क्षेत्राधिकारी नगर इंदू सिद्धार्थ ने किया तथा संचालन एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने किया।