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हजरत मुफ्ती अब्दुल कय्यूम का इंतकाल
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:49 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। जंगे आजादी में तहरीक ए रेशमी रुमाल के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली रायेपुर खानकाह के मुतवल्ली हजरत मुफ्ती अब्दुल कय्यूम का मंगलवार की सुबह इंतकाल हो गया। वे 86 साल के थे। हजरत ने सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर अंतिम सांस ली। उनके इंतकाल की खबर लगते ही शोक की लहर दौड़ गई। देश के कई राज्यों से उनके मुरीद लाखों की संख्या में रायेपुर खानकाह पहुंचे और उनके जनाजे की नमाज में शामिल हुए। जोहर की नमाज के बाद उन्हें खानकाह परिसर में स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया।
मुतवल्ली हजरत मुफ्ती अब्दुल कय्यूम पिछले कई साल से बीमार चल रहे थे। उनका देहरादून के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। तीन दिन पहले ही स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। सोमवार की देर रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद मिर्जापुर पोल स्थित ग्लोकल मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की जांच करने के लिए बुलाई गई। मंगलवार की सुबह करीब 6 बजकर 25 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह गए।
जैसे ही उनके इंतकाल की खबर फैली तो, उनकी आखिरी जियारत के लिए लाखों तादाद में उनके मुरीद खानकाह पहुंचने शुरू हो गए। इससे जाम की स्थिति बन गई। बेहट से लेकर गंदेवड़, रायेपुर, मिर्जापुर में जाम की स्थिति बन गई। व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस प्रशासनिक अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे। जौहर की नमाज के बाद अपराह्न करीब 3 बजकर 35 मिनट पर जनाजे की नमाज हुई। मौलाना अतीक अहमद ने नमाज अदा कराई। उनके जनाजे की नमाज में यूपी के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली समेत कई राज्यों से उनके मुरीद शामिल हुए।
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मुतवल्ली हजरत मुफ्ती अब्दुल कय्यूम पिछले कई साल से बीमार चल रहे थे। उनका देहरादून के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। तीन दिन पहले ही स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। सोमवार की देर रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद मिर्जापुर पोल स्थित ग्लोकल मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की जांच करने के लिए बुलाई गई। मंगलवार की सुबह करीब 6 बजकर 25 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह गए।
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जैसे ही उनके इंतकाल की खबर फैली तो, उनकी आखिरी जियारत के लिए लाखों तादाद में उनके मुरीद खानकाह पहुंचने शुरू हो गए। इससे जाम की स्थिति बन गई। बेहट से लेकर गंदेवड़, रायेपुर, मिर्जापुर में जाम की स्थिति बन गई। व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस प्रशासनिक अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे। जौहर की नमाज के बाद अपराह्न करीब 3 बजकर 35 मिनट पर जनाजे की नमाज हुई। मौलाना अतीक अहमद ने नमाज अदा कराई। उनके जनाजे की नमाज में यूपी के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली समेत कई राज्यों से उनके मुरीद शामिल हुए।
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