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टोडरपुर मिल नहीं चली तो खेतों में जला देंगे गन्ना
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:19 AM IST
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टोडरपुर मिल नहीं चली तो खेतों में जला देंगे गन्ना
साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। किसानों ने गन्ना मंत्री एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर क्षेत्र की पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल चलाये जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि बंद पड़ी चीनी मिल चालू नहीं की गई तो वे अपनी गन्ने की फसल को खेतों में ही आग के हवाले करने को बाध्य होंगे।
गांव टोडरपुर में स्थापित शाकंभरी शुगर मिल को चलाए जाने को लेकर किसानों ने मुख्यमंत्री एवं गन्ना मंत्री को लिखे पत्र में अवगत कराया कि क्षेत्र में इस वर्ष गन्ने की फसल अच्छी मात्रा में खड़ी है। ऐसी स्थिति में यदि बंद पड़ी चीनी मिल चालू नहीं की गई तो उनकी गन्ने की फसल खेतों में ही बर्बाद होने की संभावना है। अन्यथा आधे दामों पर कोल्हुओं में लुटने के अलावा किसानों के पास कोई विकल्प नहीं है। गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन चौ. ताहिर हसन, मुकर्रम, दिलशाद, खालिद हसन, बिजेंद्र सिंह, नितिन कुमार, अवनीश कांबोज, नरेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, केहर सिंह आदि किसानों ने लिखे पत्र में अवगत कराया कि यदि सरकार ने उनकी बंद पड़ी चीनी मिल को चालू नहीं कराया तो मजबूरन उन्हें अपनी फसल को आग के हवाले करना पड़ेगा। कोल्हुओं में औने-पौने दामों पर फसल की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि यदि मिल चालू की जाती है तो अन्य मिलों के भुगतान से दस रुपये कम पर भी अपना गन्ना मिल को गन्ना देने को तैयार हैं।
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। किसानों ने गन्ना मंत्री एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर क्षेत्र की पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल चलाये जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि बंद पड़ी चीनी मिल चालू नहीं की गई तो वे अपनी गन्ने की फसल को खेतों में ही आग के हवाले करने को बाध्य होंगे।
गांव टोडरपुर में स्थापित शाकंभरी शुगर मिल को चलाए जाने को लेकर किसानों ने मुख्यमंत्री एवं गन्ना मंत्री को लिखे पत्र में अवगत कराया कि क्षेत्र में इस वर्ष गन्ने की फसल अच्छी मात्रा में खड़ी है। ऐसी स्थिति में यदि बंद पड़ी चीनी मिल चालू नहीं की गई तो उनकी गन्ने की फसल खेतों में ही बर्बाद होने की संभावना है। अन्यथा आधे दामों पर कोल्हुओं में लुटने के अलावा किसानों के पास कोई विकल्प नहीं है। गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन चौ. ताहिर हसन, मुकर्रम, दिलशाद, खालिद हसन, बिजेंद्र सिंह, नितिन कुमार, अवनीश कांबोज, नरेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, केहर सिंह आदि किसानों ने लिखे पत्र में अवगत कराया कि यदि सरकार ने उनकी बंद पड़ी चीनी मिल को चालू नहीं कराया तो मजबूरन उन्हें अपनी फसल को आग के हवाले करना पड़ेगा। कोल्हुओं में औने-पौने दामों पर फसल की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि यदि मिल चालू की जाती है तो अन्य मिलों के भुगतान से दस रुपये कम पर भी अपना गन्ना मिल को गन्ना देने को तैयार हैं।
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