{"_id":"598f593c4f1c1b96558b4abb","slug":"81502566716-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरी दुनिया में फैली हुई है दारुल उलूम की खिदमात: न्यायाधीश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरी दुनिया में फैली हुई है दारुल उलूम की खिदमात: न्यायाधीश
Updated Sun, 13 Aug 2017 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरी दुनिया में फैली है दारुल उलूम की खिदमात : अंसारी
देवबंद (सहारनपुर)। बुलंदशहर के अपर न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने कहा कि विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम और देवबंदी उलमा की खिदमात पूरी दुनिया में फैली हुई हैं। इसका कोई सानी नहीं है।
शनिवार को परिवार के साथ देवबंद पहुंचे अपर न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी के सम्मान में मोहल्ला सराय पीरजादगान स्थित वासफी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद अंसारी ने दारुल उलूम की पुरानी लाइब्रेरी में ऐतिहासिक पुस्तकों को देखा और उनके बारे में जानकारी ली जबकि निर्माणाधीन लाइब्रेरी और एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया की उन्होंने जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम देखने की ख्वाहिश बहुत पहले से थी जो अब पूरी हुई। इस मौके पर उनके साथ पत्नी शौकत जहां और बेटे मोहम्मद हाजिक के अलावा कारी मोहम्मद रहीमुद्दीन, तैय्यब, मुरसलीन, खुर्शीद, शाहिन आरीफिन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। बुलंदशहर के अपर न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने कहा कि विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम और देवबंदी उलमा की खिदमात पूरी दुनिया में फैली हुई हैं। इसका कोई सानी नहीं है।
शनिवार को परिवार के साथ देवबंद पहुंचे अपर न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी के सम्मान में मोहल्ला सराय पीरजादगान स्थित वासफी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद अंसारी ने दारुल उलूम की पुरानी लाइब्रेरी में ऐतिहासिक पुस्तकों को देखा और उनके बारे में जानकारी ली जबकि निर्माणाधीन लाइब्रेरी और एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया की उन्होंने जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम देखने की ख्वाहिश बहुत पहले से थी जो अब पूरी हुई। इस मौके पर उनके साथ पत्नी शौकत जहां और बेटे मोहम्मद हाजिक के अलावा कारी मोहम्मद रहीमुद्दीन, तैय्यब, मुरसलीन, खुर्शीद, शाहिन आरीफिन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन