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संतान की तरह करें पेड़ पौधों का पालन पोषण
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:26 AM IST
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संतान की तरह करें पेड़ पौधों का पालन पोषण
सहारनपुर। नेशनल पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि पेड़- पौधों का पालन पोषण संतान की तरह करना चाहिए।
बेहट रोड ग्राम देवला में स्थित स्कूल में आयोजित कार्यशाला में चेयरमैन कमल कश्यप ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पौधों का पालन पोषण अपनी संतान की तरह करें। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि बरसात का मौसम पौधे लगाने के लिए सबसे उचित समय होता है। क्योंकि, इस समय जमीन में नमी बनी रहती हैँ। पौधों की जड़े तेजी से वृद्धि करती है। इसलिए करीबन तीन चार माह की देखभाल करने से लगाया गया पौधा अपनी पकड़ मजबूत बना लेता है। उन्होंने कहा कि पीपल का पेड़ वातावरण को बेहद शुद्ध करता है। यह पेड़ रात के समय में पर्यावरण को शुद्ध करता है। प्रधानाचार्य अब्दुल बारी ने कहा कि पॉलीथिन का प्रयोग करना समस्त पर्यावरण के लिए हानिकारक है। कार्यशाला में संदीप, अब्दुल वारिक, सुदेश, गफ्तार, बिलकिस, प्रियंका, अंजला, अंजलि, बुरहान, रीना, रुबी आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। नेशनल पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि पेड़- पौधों का पालन पोषण संतान की तरह करना चाहिए।
बेहट रोड ग्राम देवला में स्थित स्कूल में आयोजित कार्यशाला में चेयरमैन कमल कश्यप ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पौधों का पालन पोषण अपनी संतान की तरह करें। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि बरसात का मौसम पौधे लगाने के लिए सबसे उचित समय होता है। क्योंकि, इस समय जमीन में नमी बनी रहती हैँ। पौधों की जड़े तेजी से वृद्धि करती है। इसलिए करीबन तीन चार माह की देखभाल करने से लगाया गया पौधा अपनी पकड़ मजबूत बना लेता है। उन्होंने कहा कि पीपल का पेड़ वातावरण को बेहद शुद्ध करता है। यह पेड़ रात के समय में पर्यावरण को शुद्ध करता है। प्रधानाचार्य अब्दुल बारी ने कहा कि पॉलीथिन का प्रयोग करना समस्त पर्यावरण के लिए हानिकारक है। कार्यशाला में संदीप, अब्दुल वारिक, सुदेश, गफ्तार, बिलकिस, प्रियंका, अंजला, अंजलि, बुरहान, रीना, रुबी आदि मौजूद रहे।