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दस महीनों में 80 मुठभेड़, फिर भी बेखौफ अपराधी

Mon, 26 Oct 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2020 11:57 PM IST
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80 encounters in ten months, yet criminals fearless
सहारनपुर। इस साल महज दस महीनों में ही जिले की पुलिस का बदमाशों के साथ करीब 80 मुठभेड़ हुई हैं। इनमें 200 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और दो इनामी बदमाश आबाद और हाफिज ढेर किए गए हैं। बावजूद पुराने और नए गिरोहों से जुड़े अपराधी खाकी का खौफ नहीं मान रहे हैं।
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मुठभेड़ के दौरान अधिकतर बदमाशों के पैरों या हाथ में ही गोलियां लगी हैं। ऐसे में बदमाश कुछ दिन के इलाज के बाद जेल में सुरक्षित रहकर अपने गुर्गों को नए गिरोह में शामिल कराकर घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। इतना ही नहीं, अभिरक्षा और पेशी के दौरान पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर कई बदमाश फरार हो चुके हैं। जिले में लूट, हत्या सहित अन्य घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
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जिले में सक्रिय गिरोह और अपराधियों की स्थिति
- जिले में सक्रिय गैंग 50 से अधिक
- गैंगस्टर में चिह्नित अपराधी 610
- मुठभेड़ की संख्या 80
- मुठभेड़ में मारे गए इनामी 02
- इस साल लूट की घटनाएं 55
- लूट की घटनाओं का खुलासा 41
- लूट की घटनाओं में विवेचना 14
- चोरी की घटनाएं 150 से ज्यादा
- चोरी की घटनाओं का खुलासा 90
कुख्यात अपराधी काबू में आए तो नए गिरोह तैयार हो गए
- जिले में लूट, हत्या, डकैती, रंगदारी, गोकशी से लेकर अन्य बड़ी वारदात में शामिल रहे मुस्तफा उर्फ कग्गा, ओमपाल, हाफिज कुल्हेड़ी, आदाब और सलीम जैैसे गिरोहबंद अपराधियों की मौत हो चुकी है। वहीं, मुस्तकीम उर्फ काला, सादर तीतरो जैसे कई अन्य अपराधी अलग-अलग जेलों में बंद हैं। इसके बावजूद नए गिरोह तैयार हो गए हैं। इनमें फरमान गंगोह, इकराम मुस्तफा, जाबिर शाहपुर, रुकमा, इकराम नए गिरोह तैयार करने वाले ऐसे बदमाश हैं जिन्होंने जिले के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब में भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया।
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विकास दुबे कांड के बाद चला था अभियान
- कानपुर के विकास दुबे कांड के बाद आपरेशन क्लीन के तहत पुलिस ने बड़े अपराधियों को चिह्नित करने का अभियान चलाया था। इसमें जिले में सक्रिय रहे मारुफ तीतरो, सुशील गुर्जर देवबंद, रियाजुल बिहारीगढ़, मोहित बेहट, आसिफ कुतुबशेर, एजाज चिलकाना, राजकुमार गागलहेड़ी, मंसूर के साथ ही 60 से अधिक हिस्ट्रीशीटर चिह्नित किए गए थे। हाल ही में देवबंद के गैंगस्टर फूल मियां सहित पांच लोगों की दो करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई।

अपराधियों ने खाकी को दी खुली चुनौती
- गंगोह क्षेत्र के कोटेड़ा गांव में यूपी और हरियाणा में सक्रिय अपराधी जुबेर को पकड़ने पहुंची पुलिस से ग्रामीण उलझ गए।
- सहसपुर जट में भी गोकशी के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम से मारपीट की गई और टीम को भगा दिया गया।
- कुछ माह पहले ही देहात कोतवाली में गोकशी और अन्य अपराधों में शामिल बदमाशों से मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ।
- एक साल पहले चिलकाना क्षेत्र में दबिश के दौरान जंगल में पुलिस टीम को घेर लिया गया और चार पुलिसकर्मियों को जख्मी कर दिया।
- हरियाणा और पंजाब में दबिश देने के दौरान भी तीन पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की घटना सामने आई।
- अपराध नियंत्रण के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुठभेड़ के दौरान भी बदमाश को पकड़कर उससे अन्य घटनाओं का खुलासा कराने का प्रयास होता है। घटनाओं की विवेचना और अपराध नियंत्रण में लापरवाही पर अब तक 18 से अधिक पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। गैंगस्टर में निरुद्ध आरोपियों पर तो लगातार अभियान जारी है। जमानत पर रिहा बदमाशों पर नजर रखी जा रही है। अधिकतर कुख्यात अपराधी पहले से ही जेल में हैं।
-- डॉ. एस चनप्पा, एसएसपी, सहारनपुर।
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