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आग से 72 बीघा गेहूं की फसल जली
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:32 AM IST
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आग से जली फसल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के बेहट और लखनौती में कई जगहों पर आग की घटनाओं में किसानों की करीब 72 बीघा गेहूं की फसल जल गई। इससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
तहसील बेहट क्षेत्र के कस्बागढ़ गांव के किसान जयपाल, प्रीतम, शिवकुमार, मान सिंह, बलवंत, सुखबीर, जसबीर, रामपाल एवं कमला देवी आदि किसानों के खेतों के ऊपर से रायेपुर बिजलीघर से हाईटेंशन लाइन निकाली गई है।
मंगलवार की दोपहर में करीब एक बजे इस लाइन के जर्जर हो चुके तार टूटकर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में जा गिरे, जिससे स्पार्किंग होने से फसल में आग लग गई। फसल में आग लगने की सूचना मिलने पर किसान खेतों की तरफ दौड़ पड़े।
फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक फसल जलकर राख हो चुकी थी। बदहवास किसानों ने बताया कि लाइन के जर्जर तारों की बाबत कई बार विभागीय अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।
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नतीजतन उनकी खून पसीने से तैयार की गई फसल एक क्षण में राख में तब्दील हो गई। किसानों का आरोप है कि पूरे क्षेत्र में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से स्टीमेट बनाकर सामान तो उपलब्ध कर लिया गया, लेकिन लाइनों के तार कागजों में ही बदले गए।
कुछ किसानों का कहना था, कि इसकी जांच होनी चाहिए। जांच के बाद ही सच सामने आएगा। गंगोह कोतवाली के गांव लखनौती निवासी मजीद अहमद ने गांव के ही सैलू की जमीन ठेके पर ले रखी है।
मंगलवार को दोपहर गेहूं के खेत से धुआं निकलता देख पड़ोसी किसानों ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर वहां काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। ग्रामीणों ने स्वयं ही आग बुझाने के प्रयास किए।
दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक सात बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर खाक हो चुकी थी। सूचना दिए जाने के बाद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में भारी रोष है।
उधर, महेशपुर गांव में किसान नकली के चार बीघा गेंहू की फसल के हाईटेंशन लाईन से गिरी चिंगारी से आग लगने के कारण जल गई। क्षेत्र के गांव किशनपुरा निवासी संजय के दो बीघा गेंहू और मौरा गांव निवासी दो किसानों की दो-दो बीघा फसल जल गई।
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तहसील बेहट क्षेत्र के कस्बागढ़ गांव के किसान जयपाल, प्रीतम, शिवकुमार, मान सिंह, बलवंत, सुखबीर, जसबीर, रामपाल एवं कमला देवी आदि किसानों के खेतों के ऊपर से रायेपुर बिजलीघर से हाईटेंशन लाइन निकाली गई है।
मंगलवार की दोपहर में करीब एक बजे इस लाइन के जर्जर हो चुके तार टूटकर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में जा गिरे, जिससे स्पार्किंग होने से फसल में आग लग गई। फसल में आग लगने की सूचना मिलने पर किसान खेतों की तरफ दौड़ पड़े।
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फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक फसल जलकर राख हो चुकी थी। बदहवास किसानों ने बताया कि लाइन के जर्जर तारों की बाबत कई बार विभागीय अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।
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नतीजतन उनकी खून पसीने से तैयार की गई फसल एक क्षण में राख में तब्दील हो गई। किसानों का आरोप है कि पूरे क्षेत्र में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से स्टीमेट बनाकर सामान तो उपलब्ध कर लिया गया, लेकिन लाइनों के तार कागजों में ही बदले गए।
कुछ किसानों का कहना था, कि इसकी जांच होनी चाहिए। जांच के बाद ही सच सामने आएगा। गंगोह कोतवाली के गांव लखनौती निवासी मजीद अहमद ने गांव के ही सैलू की जमीन ठेके पर ले रखी है।
मंगलवार को दोपहर गेहूं के खेत से धुआं निकलता देख पड़ोसी किसानों ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर वहां काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। ग्रामीणों ने स्वयं ही आग बुझाने के प्रयास किए।
दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक सात बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर खाक हो चुकी थी। सूचना दिए जाने के बाद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में भारी रोष है।
उधर, महेशपुर गांव में किसान नकली के चार बीघा गेंहू की फसल के हाईटेंशन लाईन से गिरी चिंगारी से आग लगने के कारण जल गई। क्षेत्र के गांव किशनपुरा निवासी संजय के दो बीघा गेंहू और मौरा गांव निवासी दो किसानों की दो-दो बीघा फसल जल गई।