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दो माह से नहीं मिला गन्ना समिति के कर्मचारियों को वेतन
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दो माह से नहीं मिला गन्ना समिति के कर्मचारियों को वेतन
सहारनपुर। समय पर विकास कमीशन नहीं मिलने से गन्ना विकास समिति के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इसके चलते समिति के कर्मचारियों को अक्तूबर के बाद से अभी तक वेतन नहीं मिल सका है। साथ ही करीब 37 सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी एक करोड 69 लाख रुपये की देनदारी समिति पर बकाया है।
गन्ना विकास समिति सहारनपुर में आर्थिक संकट होने के चलते कर्मचारियों को अक्तूबर माह के बाद से वेतन नहीं मिल सका है। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाला देय भी समिति की ओर बकाया है। हालांकि समिति का जनपद की मिलों पर गत सीजन का 1.90 करोड और मौजूदा सीजन के 2.35 करोड रुपये कमीशन के बकाया है। यदि समिति का बकाया कमीशन मिल जाए तो उसका आर्थिक संकट दूर हो सकता है। बता दें कि समिति को विकास कमीशन के रूप में मिल में सप्लाई होने वाले गन्ने पर प्रति क्विंटल 5.50 रुपये मिलता है।
उधर, सेवानिवृत्त कर्मचारियों का देय भी करीब एक करोड़ 69 लाख रुपये है। करीब 37 सेवानिवृत्त कर्मी इस अपने देय को पाने के लिए समिति कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। धनराशि नहीं मिलने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामने में आर्थिक परेशानी हो रही है।
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मिलों द्वारा चीनी बेचने से मिलने वाला पैसा एस्क्रो एकाउंट में आता है। प्राप्त धनराशि में से 83 प्रतिशत पैसा गन्ना मूल्य भुगतान और दो प्रतिशत विकास कमीशन होता है। लेकिन यह पूरा 85 प्रतिशत धनराशि गन्ना मूल्य भुगतान में ही जा रही है। शेष 15 फीसदी पैसा मिलों के पास जाता है। कमीशन नहीं मिल पाने से गन्ना समिति आर्थिक संकट में है। अक्तूबर के बाद अब तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी उनके देय नहीं मिल सके हैं। यह राशि भी करीब एक करोड़ 69 लाख रुपये है।
- ओमप्रकाश, सचिव गन्ना विकास समिति सहारनपुर।
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सहारनपुर। समय पर विकास कमीशन नहीं मिलने से गन्ना विकास समिति के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इसके चलते समिति के कर्मचारियों को अक्तूबर के बाद से अभी तक वेतन नहीं मिल सका है। साथ ही करीब 37 सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी एक करोड 69 लाख रुपये की देनदारी समिति पर बकाया है।
गन्ना विकास समिति सहारनपुर में आर्थिक संकट होने के चलते कर्मचारियों को अक्तूबर माह के बाद से वेतन नहीं मिल सका है। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाला देय भी समिति की ओर बकाया है। हालांकि समिति का जनपद की मिलों पर गत सीजन का 1.90 करोड और मौजूदा सीजन के 2.35 करोड रुपये कमीशन के बकाया है। यदि समिति का बकाया कमीशन मिल जाए तो उसका आर्थिक संकट दूर हो सकता है। बता दें कि समिति को विकास कमीशन के रूप में मिल में सप्लाई होने वाले गन्ने पर प्रति क्विंटल 5.50 रुपये मिलता है।
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उधर, सेवानिवृत्त कर्मचारियों का देय भी करीब एक करोड़ 69 लाख रुपये है। करीब 37 सेवानिवृत्त कर्मी इस अपने देय को पाने के लिए समिति कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। धनराशि नहीं मिलने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामने में आर्थिक परेशानी हो रही है।
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मिलों द्वारा चीनी बेचने से मिलने वाला पैसा एस्क्रो एकाउंट में आता है। प्राप्त धनराशि में से 83 प्रतिशत पैसा गन्ना मूल्य भुगतान और दो प्रतिशत विकास कमीशन होता है। लेकिन यह पूरा 85 प्रतिशत धनराशि गन्ना मूल्य भुगतान में ही जा रही है। शेष 15 फीसदी पैसा मिलों के पास जाता है। कमीशन नहीं मिल पाने से गन्ना समिति आर्थिक संकट में है। अक्तूबर के बाद अब तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी उनके देय नहीं मिल सके हैं। यह राशि भी करीब एक करोड़ 69 लाख रुपये है।
- ओमप्रकाश, सचिव गन्ना विकास समिति सहारनपुर।