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किसानों को दिए फसल अवशेष प्रबंधन के टिप्स
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:44 PM IST
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सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र पर आयोजित कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के टिप्स दिए गए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष को मिट्टी में मिलाकर मृदा में जीवांश कार्बन को बढ़ाया जा सकता है।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में केवीके के प्रभारी एवं फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर आईके कुशवाहा ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ लेते हुए अपनी आय को दोगुना करना चाहिए। डॉक्टर महावीर सिंह ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि किसान किस प्रकार मिट्टी में मिलाकर जीवांश कार्बन की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने फसल चक्र अपनाने का आह्वान करते हुए बताया कि इसमें दलहनी फसलों को भी शामिल करना चाहिए। डॉक्टर वीरेंद्र कुमार ने गेहूं की उन्नतशील प्रजातियों के बारे में भी बताया। डॉक्टर प्रमोद कुमार ने पशुओं के मलमूत्र और फसल अवशेषों को मिलाकर खाद बनाने की विधि के बारे में बताया। सेठपाल नंदी फिरोजपुर, मदन सिंह, ब्रह्मपाल, चेतन चौहान, अमरनाथ, कुशलपाल, सुधीर, किशोर, घनश्याम, विनोद, चंद्र सिंह, अशोक, मनोज आदि रहे।
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मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में केवीके के प्रभारी एवं फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर आईके कुशवाहा ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ लेते हुए अपनी आय को दोगुना करना चाहिए। डॉक्टर महावीर सिंह ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि किसान किस प्रकार मिट्टी में मिलाकर जीवांश कार्बन की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने फसल चक्र अपनाने का आह्वान करते हुए बताया कि इसमें दलहनी फसलों को भी शामिल करना चाहिए। डॉक्टर वीरेंद्र कुमार ने गेहूं की उन्नतशील प्रजातियों के बारे में भी बताया। डॉक्टर प्रमोद कुमार ने पशुओं के मलमूत्र और फसल अवशेषों को मिलाकर खाद बनाने की विधि के बारे में बताया। सेठपाल नंदी फिरोजपुर, मदन सिंह, ब्रह्मपाल, चेतन चौहान, अमरनाथ, कुशलपाल, सुधीर, किशोर, घनश्याम, विनोद, चंद्र सिंह, अशोक, मनोज आदि रहे।
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