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कुंड़ा खुर्द के ग्रामीणों ने प्रधान पर लगाए सरकारी धन की बंदरबाट का आरोप
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:28 AM IST
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लखनौती (सहारनपुर)। डीएम से शिकायत कर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में धांधली कर सरकारी धन की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। डीएम ने मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी है।
ब्लाक गंगोह के गांव कुं डा खुर्द निवासी गुलशेर, मंगता, रिफाकत आदि ग्रामीणों ने पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि कुंडा खुर्द ग्राम पंचायत के अंतर्गत बेगी बांसदेवा और कुंडा खुर्द दो मजरे लगते हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम प्रधान कभी भी ग्राम पंचायत की बैठक नही लेती, केवल अपने चहेतों ग्राम पंचायत सदस्यों को बुलाकर बैठक लेती है। इससे अन्य ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों को विकास कार्यों की जानकारी नही हो पाती। गांव में जो विकास कार्य कराए जाते हैं। उसकी स्वीकृति निर्माण समिति से नही ली जाती। न ही निर्माण समिति के सदस्यों को इसकी जानकारी हो पाती। इसके अलावा ग्रामीणों ने खड़ंजा निर्माण, मिट्टी कार्य, सीसी सड़क निर्माण, हैंडपंपों की मरम्मत, सोलर लाइटों की खरीदारी करने, पौधरोपण करने, शौचालयों के निर्माण में सरकारी धन की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। डीएम ने मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंप दी है। उधर, प्रधान का कहना है कि आरोप मिथ्या है।
जमीन बेचकर बनवाया बीमार बेटे के लिए शौचालय
लखनौती। ग्राम पंचायत कुंडाखुर्द के मजरे गांव बेगी बांसदेवा निवासी बुजुर्ग महिला हसीना ने बताया कि घर में उसका एक बेटा सद्दाम कई सालों से बीमार रहता है। बीमार बेटे के लिए शौचालय की बहुत जरूरत थी। इस बारे में कई बार प्रधान से शौचालय बनवाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने फिर भी शौचालय नहीं बनवाया। बाद में मजबूरन जमीन बेचकर अपने खर्च पर बेटे के लिए शौचालय बनवाना पड़ा है।
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ब्लाक गंगोह के गांव कुं डा खुर्द निवासी गुलशेर, मंगता, रिफाकत आदि ग्रामीणों ने पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि कुंडा खुर्द ग्राम पंचायत के अंतर्गत बेगी बांसदेवा और कुंडा खुर्द दो मजरे लगते हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम प्रधान कभी भी ग्राम पंचायत की बैठक नही लेती, केवल अपने चहेतों ग्राम पंचायत सदस्यों को बुलाकर बैठक लेती है। इससे अन्य ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों को विकास कार्यों की जानकारी नही हो पाती। गांव में जो विकास कार्य कराए जाते हैं। उसकी स्वीकृति निर्माण समिति से नही ली जाती। न ही निर्माण समिति के सदस्यों को इसकी जानकारी हो पाती। इसके अलावा ग्रामीणों ने खड़ंजा निर्माण, मिट्टी कार्य, सीसी सड़क निर्माण, हैंडपंपों की मरम्मत, सोलर लाइटों की खरीदारी करने, पौधरोपण करने, शौचालयों के निर्माण में सरकारी धन की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। डीएम ने मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंप दी है। उधर, प्रधान का कहना है कि आरोप मिथ्या है।
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जमीन बेचकर बनवाया बीमार बेटे के लिए शौचालय
लखनौती। ग्राम पंचायत कुंडाखुर्द के मजरे गांव बेगी बांसदेवा निवासी बुजुर्ग महिला हसीना ने बताया कि घर में उसका एक बेटा सद्दाम कई सालों से बीमार रहता है। बीमार बेटे के लिए शौचालय की बहुत जरूरत थी। इस बारे में कई बार प्रधान से शौचालय बनवाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने फिर भी शौचालय नहीं बनवाया। बाद में मजबूरन जमीन बेचकर अपने खर्च पर बेटे के लिए शौचालय बनवाना पड़ा है।
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