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जिला पंचायत में मेरे पति, तेरे पति की जंग
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:56 AM IST
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सहारनपुर। जिला पंचायत में अपर मुख्य अधिकारी और पंचायत अध्यक्ष के बीच मेरे पति और तेरे पति को लेकर जंग तेज हो गई है। एएमए द्वारा पंचायत अध्यक्ष के पति की दखलंदाजी पर सवाल उठाए तो पंचायत अध्यक्ष ने भी उसी अंदाज में एएमए के पति का सरकारी कार्यों में दखल देने का आरोप लगा दिया है। अब इस विवाद के थमने के आसार कम होते नहीं दिख रहे है।
जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी डा. सुमनलता ने इस माह 17 अप्रैल को पंचायत अध्यक्ष तसमीम बानो को पत्र लिखकर कहा था कि उनके पति माजिद अली और रिश्तेदार अमजद अली के अनावश्यक हस्तक्षेप से जिला पंचायत के कार्यों को सुचारु रूप से चलाना दूभर हो गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर कार्य कराना न्यायोचित नहीं है। बाकायदा इस पत्र की प्रति जिलाधिकारी के अलावा शासन के अधिकारियों को भेेेजी गई थी। जिला पंचायत अध्यक्ष तसमीम बानो ने अपर मुख्य अधिकारी को भी उसी अंदाज में जवाब भेजा है। नौ पेज के जवाब में पंचायत अध्यक्ष ने अपर मुख्य अधिकारी के पति डा. राजमोहन द्वारा सरकारी पत्रावलियों के अवलोकन और जिपं के कर्मचारियों को निर्देशित करने पर कड़ा एतराज जताया है। खुले तौर पर लिखा है कि वह सरकारी पत्रावली पर अपने विवेक के बजाए पति से विचार विमर्श कर ही निर्णय लेती है, जिस कारण कर्मचारियों को इधर से उधर पत्रावली लेकर घूमना पड़ता है। पंचायत अध्यक्ष ने अपर मुख्य अधिकारी को लोक सेवक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की हिदायत दी है। यही नहीं उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी के बीच एक दूसरे के पति को लेकर चल रही जंग में कर्मचारी अलग से पिस रहे हैं।
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जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी डा. सुमनलता ने इस माह 17 अप्रैल को पंचायत अध्यक्ष तसमीम बानो को पत्र लिखकर कहा था कि उनके पति माजिद अली और रिश्तेदार अमजद अली के अनावश्यक हस्तक्षेप से जिला पंचायत के कार्यों को सुचारु रूप से चलाना दूभर हो गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर कार्य कराना न्यायोचित नहीं है। बाकायदा इस पत्र की प्रति जिलाधिकारी के अलावा शासन के अधिकारियों को भेेेजी गई थी। जिला पंचायत अध्यक्ष तसमीम बानो ने अपर मुख्य अधिकारी को भी उसी अंदाज में जवाब भेजा है। नौ पेज के जवाब में पंचायत अध्यक्ष ने अपर मुख्य अधिकारी के पति डा. राजमोहन द्वारा सरकारी पत्रावलियों के अवलोकन और जिपं के कर्मचारियों को निर्देशित करने पर कड़ा एतराज जताया है। खुले तौर पर लिखा है कि वह सरकारी पत्रावली पर अपने विवेक के बजाए पति से विचार विमर्श कर ही निर्णय लेती है, जिस कारण कर्मचारियों को इधर से उधर पत्रावली लेकर घूमना पड़ता है। पंचायत अध्यक्ष ने अपर मुख्य अधिकारी को लोक सेवक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की हिदायत दी है। यही नहीं उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी के बीच एक दूसरे के पति को लेकर चल रही जंग में कर्मचारी अलग से पिस रहे हैं।
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