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चतुर्दशी पर देवी के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:04 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दर्शनों के लिए शुक्रवार को चतुर्दशी पर आस्था और विश्वास का सैलाब उमड़ पड़ा। अनुमानित करीब एक लाख की संख्या में श्रद्धालुओं ने जगद्जननी मां शाकंभरी देवी के पावन चरणों में हाजिरी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना के लिए मन्नत मांगी।
शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में प्रथम नवरात्र से मेला लगा हुआ है। मेले में पहले दिन से ही अटूट आस्था के साथ माता के भक्त देवी दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, लेकिन शुक्रवार को चतुर्दशी पर्व अब तक सर्वाधिक भीड़ सिद्धपीठ में पहुंची और धार्मिक मान्यता अनुसार पहले बाबा भूरादेव और उनके उपरांत मां शाकंभरी के दर्शन किए। दोपहर दो बजे तक माता के मंदिर से रैन बसेरा तक बेरिकेटिंग के अंदर श्रद्धालुओं की लाइन लगी हुई थी। आसमान से पड़ रही चिलचिलाती धूप भी मां के भक्तों की आस्था को नहीं डिगा सकी। कई-कई घंटे लाइन में चलने के बाद श्रद्धालुओं को आदिशिक्ति के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त हो रहा था। शिवालिक पहाड़ियां बाबा भूरादेव की जय और जय माता दी के जयकारों से गूंज रही थी।
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शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में प्रथम नवरात्र से मेला लगा हुआ है। मेले में पहले दिन से ही अटूट आस्था के साथ माता के भक्त देवी दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, लेकिन शुक्रवार को चतुर्दशी पर्व अब तक सर्वाधिक भीड़ सिद्धपीठ में पहुंची और धार्मिक मान्यता अनुसार पहले बाबा भूरादेव और उनके उपरांत मां शाकंभरी के दर्शन किए। दोपहर दो बजे तक माता के मंदिर से रैन बसेरा तक बेरिकेटिंग के अंदर श्रद्धालुओं की लाइन लगी हुई थी। आसमान से पड़ रही चिलचिलाती धूप भी मां के भक्तों की आस्था को नहीं डिगा सकी। कई-कई घंटे लाइन में चलने के बाद श्रद्धालुओं को आदिशिक्ति के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त हो रहा था। शिवालिक पहाड़ियां बाबा भूरादेव की जय और जय माता दी के जयकारों से गूंज रही थी।
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