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छात्रवृति से वंचित रह जाएंगे चार हजार छात्र
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:17 AM IST
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सहारनपुर। व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे करीब चार हजार छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह जाएंगे। इन छात्रों ने ऑनलाइन फार्म भरते हुए पोर्टल गलती की, जिसके कारण इनके आवेदन निरस्त कर दिए गए।
छात्रवृत्ति प्रक्रिया ऑनलाइन है। जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे करीब चार हजार छात्रों के लिए बुरी खबर है। पोर्टल पर वजीफा प्राप्त करने के लिए भरे गए फार्म में छात्रों द्वारा गलती की गई, जिसके चलते जिला समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जांच में यह फार्म निरस्त कर दिए। शासन ने फार्म में खामियां दूर करने के लिए पोर्टल पर समय अवधि भी बढ़ाई थी। मगर, इसके बावजूद छात्रों ने अपने फार्म की त्रुटियों को दूर नहीं किया। ऐसे दर्जनों छात्र अब जिला समाज कल्याण विभाग और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इनमें ज्यादातर आईटीआई के छात्र शामिल हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्ण प्रसाद ने बताया कि उनके विभाग की जांच में सामान्य और अनुसूचित जाति के करीब एक हजार छात्रों के फार्म में गलती मिलने की वजह से निरस्त किए गए।
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शिक्षण संस्थान जिम्मेदार
सहारनपुर। छात्रों के वजीफे के फार्म निरस्त होने में शिक्षण संस्थान भी जिम्मेदार है। क्योंकि, इन शिक्षण संस्थाओं द्वारा छात्रों के फार्म खुद नहीं भरवाए गए। इस वजह से छात्रों को साइबर कैफे पर जाकर फार्म भरने पड़े और जानकारी के अभाव में वह गलती कर बैठे, जिस कारण इन्हें अब छात्रवृत्ति से वंचित रहना पड़ेगा।
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खामियां मिलने पर ओबीसी वर्ग के करीब तीन हजार छात्रों के फार्म निरस्त किए गए हैं। इनमें ज्यादातर आईटीआई के छात्र हैं। शासन ने पोर्टल पर खामियां दूर करने के लिए समय दिया गया था, लेकिन छात्रों ने त्रुटियों को दूर नहीं किया।
-- शरद कुमार, डिप्टी डायरेक्टर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
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छात्रवृत्ति प्रक्रिया ऑनलाइन है। जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे करीब चार हजार छात्रों के लिए बुरी खबर है। पोर्टल पर वजीफा प्राप्त करने के लिए भरे गए फार्म में छात्रों द्वारा गलती की गई, जिसके चलते जिला समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जांच में यह फार्म निरस्त कर दिए। शासन ने फार्म में खामियां दूर करने के लिए पोर्टल पर समय अवधि भी बढ़ाई थी। मगर, इसके बावजूद छात्रों ने अपने फार्म की त्रुटियों को दूर नहीं किया। ऐसे दर्जनों छात्र अब जिला समाज कल्याण विभाग और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इनमें ज्यादातर आईटीआई के छात्र शामिल हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्ण प्रसाद ने बताया कि उनके विभाग की जांच में सामान्य और अनुसूचित जाति के करीब एक हजार छात्रों के फार्म में गलती मिलने की वजह से निरस्त किए गए।
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शिक्षण संस्थान जिम्मेदार
सहारनपुर। छात्रों के वजीफे के फार्म निरस्त होने में शिक्षण संस्थान भी जिम्मेदार है। क्योंकि, इन शिक्षण संस्थाओं द्वारा छात्रों के फार्म खुद नहीं भरवाए गए। इस वजह से छात्रों को साइबर कैफे पर जाकर फार्म भरने पड़े और जानकारी के अभाव में वह गलती कर बैठे, जिस कारण इन्हें अब छात्रवृत्ति से वंचित रहना पड़ेगा।
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खामियां मिलने पर ओबीसी वर्ग के करीब तीन हजार छात्रों के फार्म निरस्त किए गए हैं। इनमें ज्यादातर आईटीआई के छात्र हैं। शासन ने पोर्टल पर खामियां दूर करने के लिए समय दिया गया था, लेकिन छात्रों ने त्रुटियों को दूर नहीं किया।
-- शरद कुमार, डिप्टी डायरेक्टर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग