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बीजेपी ने तीन तलाक के धार्मिक मसले को राजनीतिक बनाया: खुर्शीदा
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:37 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आमंत्रित सदस्य व जामिया इल्हामिया मदरसा तुल बनात की मोहतमिम खुर्शीदा खातून ने कहा कि भाजपा जब से केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई है तब से धर्म परिवर्तन, लव जेहाद और तीन तलाक जैसे मुद्दों को हवा मिल रही है। इससे साफ है कि सरकार भेदभाव की राजनीति कर रही है।
बुधवार को मोहल्ला पठानपुरा में आयोजित बैठक में खुर्शीदा खातून ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, मौलाना राबे हसन नदवी, असदुद्दीन ओवैसी और मौलाना सज्जाद नौमानी समेत सभी मसलकों के बुद्धजीवियों की बदौलत ही कौम के मसले आसानी से हल हो रहे हैं। जबकि केंद्र सरकार मुसलमानों के साथ भेदभाव अपना रही है और उनके धार्मिक मामलों में लगातार हस्तक्षेप कर रही है। कभी लव जेहाद, कभी धर्म परिवर्तन तो कभी तीन तलाक का मसला उठाकर वह देश की जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। केंद्र ने नोटबंदी जैसा बड़ा कदम बिना किसी राय के उठाया। जिसका नुकसान देश की जनता को उठाना पड़ रहा है। खुर्शीदा खातून ने कहा कि तीन तलाक का मसला इस्लाम धर्म से जुड़ा हुआ है जिसे भाजपा ने राजनीतिक बनाकर रख दिया है, जबकि सब जानते हैं कि धार्मिक कानूनों में किसी भी तरह के बदलाव नहीं किए जा सकते हैं, लेकिन उसके बावजूद जबरदस्ती महिलाओं पर तीन तलाक जैसा कानून थोपने का प्रयास किया जा रहा है। जिसे मुस्लिम महिलाएं किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने कहा की ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों की रहनुमाई करता है और आगे भी करता रहेगा। तमाम मुस्लिम महिलाएं बोर्ड के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने महिलाओं से घर घर जाकर तीन तलाक के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। इस मौके पर आयशा, रुखसाना, सना तहसीन, सुमैय्या, रुकैय्या, रुबीना, रुकसार, तंजीन खातून, किश्वर जहां आदि मौजूद रहीं।
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बुधवार को मोहल्ला पठानपुरा में आयोजित बैठक में खुर्शीदा खातून ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, मौलाना राबे हसन नदवी, असदुद्दीन ओवैसी और मौलाना सज्जाद नौमानी समेत सभी मसलकों के बुद्धजीवियों की बदौलत ही कौम के मसले आसानी से हल हो रहे हैं। जबकि केंद्र सरकार मुसलमानों के साथ भेदभाव अपना रही है और उनके धार्मिक मामलों में लगातार हस्तक्षेप कर रही है। कभी लव जेहाद, कभी धर्म परिवर्तन तो कभी तीन तलाक का मसला उठाकर वह देश की जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। केंद्र ने नोटबंदी जैसा बड़ा कदम बिना किसी राय के उठाया। जिसका नुकसान देश की जनता को उठाना पड़ रहा है। खुर्शीदा खातून ने कहा कि तीन तलाक का मसला इस्लाम धर्म से जुड़ा हुआ है जिसे भाजपा ने राजनीतिक बनाकर रख दिया है, जबकि सब जानते हैं कि धार्मिक कानूनों में किसी भी तरह के बदलाव नहीं किए जा सकते हैं, लेकिन उसके बावजूद जबरदस्ती महिलाओं पर तीन तलाक जैसा कानून थोपने का प्रयास किया जा रहा है। जिसे मुस्लिम महिलाएं किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने कहा की ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों की रहनुमाई करता है और आगे भी करता रहेगा। तमाम मुस्लिम महिलाएं बोर्ड के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने महिलाओं से घर घर जाकर तीन तलाक के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। इस मौके पर आयशा, रुखसाना, सना तहसीन, सुमैय्या, रुकैय्या, रुबीना, रुकसार, तंजीन खातून, किश्वर जहां आदि मौजूद रहीं।
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