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शिव पार्वती के विवाह की सुंदर झांकी से मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
Updated Tue, 05 Dec 2017 12:18 AM IST
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शिव पार्वती के विवाह की सुंदर झांकी से मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
देवबंद (सहारनपुर)। श्री गीता भवन में नौ दिवसीय रामकथा में तीसरे दिन वृंदावन के संत प्रियदास जी महाराज ने कहा कि श्रीराम चरित्रमानस ही मनुष्य को जीने का रास्ता दिखाता है। उन्होंने भक्तों को शिव पार्वती के विवाह का वृत्तांत भी सुनाया।
कथा व्यास प्रिय दास महाराज ने कहा कि माता पार्वती ने शिव को पाने के लिए 25 हजार साल तपस्या की थी। रामकथा से पहले शिव कथा का श्रवण करना उत्तम माना गया है। जो प्राणी शिव भक्त होते हैं उन्हें ही रामभक्त कहने का सौभाग्य मिलता है। उन्होंने कहा कि धर्म का मार्ग कभी नहीं छोडना चाहिए। मनुष्य को हर पल अपने जीवन में राम नाम को जपना चाहिए। संत ने कहा कि शंकर जी हर पल श्री राम का जाप अपने हृदय में करते हैं। कथा के माध्यम से शिव पार्वती के विवाह का सुंदर चित्रण झांकी में प्रस्तुत किया गया। कथा के यजमान डॉ. अरविंद जौहरी रहे। पूजन पं. विनय प्रकाश तिवारी और प्रसाद वितरण विपिन अग्रवाल ने किया। इस मौके पर हुलाश राय सिंघल, बनारसी प्रसाद अग्रवाल, अरविंद सिंघल, उमेश सिंघल, अजय बंसल, विपिन राज गर्ग, अरुण गोयल, पंकज अग्रवाल, डॉ. आर्य वृत शर्मा, अंकित मित्तल, सुधीर गर्ग, श्याम कुमार अग्रवाल, अनीता मित्तल, वर्षा पंवार, डॉ. कांता त्यागी, मंजू शर्मा आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। श्री गीता भवन में नौ दिवसीय रामकथा में तीसरे दिन वृंदावन के संत प्रियदास जी महाराज ने कहा कि श्रीराम चरित्रमानस ही मनुष्य को जीने का रास्ता दिखाता है। उन्होंने भक्तों को शिव पार्वती के विवाह का वृत्तांत भी सुनाया।
कथा व्यास प्रिय दास महाराज ने कहा कि माता पार्वती ने शिव को पाने के लिए 25 हजार साल तपस्या की थी। रामकथा से पहले शिव कथा का श्रवण करना उत्तम माना गया है। जो प्राणी शिव भक्त होते हैं उन्हें ही रामभक्त कहने का सौभाग्य मिलता है। उन्होंने कहा कि धर्म का मार्ग कभी नहीं छोडना चाहिए। मनुष्य को हर पल अपने जीवन में राम नाम को जपना चाहिए। संत ने कहा कि शंकर जी हर पल श्री राम का जाप अपने हृदय में करते हैं। कथा के माध्यम से शिव पार्वती के विवाह का सुंदर चित्रण झांकी में प्रस्तुत किया गया। कथा के यजमान डॉ. अरविंद जौहरी रहे। पूजन पं. विनय प्रकाश तिवारी और प्रसाद वितरण विपिन अग्रवाल ने किया। इस मौके पर हुलाश राय सिंघल, बनारसी प्रसाद अग्रवाल, अरविंद सिंघल, उमेश सिंघल, अजय बंसल, विपिन राज गर्ग, अरुण गोयल, पंकज अग्रवाल, डॉ. आर्य वृत शर्मा, अंकित मित्तल, सुधीर गर्ग, श्याम कुमार अग्रवाल, अनीता मित्तल, वर्षा पंवार, डॉ. कांता त्यागी, मंजू शर्मा आदि मौजूद रहे।
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