{"_id":"5a0ddd854f1c1b68678bc297","slug":"71510858117-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पद्मावती का सिनेमाघरों में प्रदर्शन किया तो होंगे गंभीर परिणाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पद्मावती का सिनेमाघरों में प्रदर्शन किया तो होंगे गंभीर परिणाम
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेहट (सहारनपुर)। फिल्म पद्मावती में चरित्र के साथ की गई छेड़छाड़ को लेकर चौतरफा विरोध हो रहा है। बृहस्पतिवार को बेहट में क्षत्रिय समाज महासभा ने कड़ी चेतावनी दी, कि इतिहास को नजरअंदाज कर बनाई गई फिल्म पद्मावती का सिनेमाघरों में प्रदर्शन किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
महासभा के जिलाध्यक्ष ठाकुर किरणपाल ने कहा, कि फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली हर बार अपनी फिल्मों में राजपूतों के गौरवशाली इतिहास को शर्मसार करते आ रहे है। अब यह बर्दाश्त नहीं होगा। राजपूतों का सब्र का बांध टूट रहा है। उन्होंने कहा कि फिल्म पद्मावती में इतिहास को नजर अंदाज कर रानी पद्मावती के चरित्र के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि रानी पद्मावती चित्तौड़ के राजा रत्नसेन की रानी थी, जो एक महान और बहादुर वीरंगना थी। अलाऊद्दीन खिलजी के चित्तौड़ पर हमला करने के बाद रानी पद्मावती ने महल की 1600 नारियों के साथ आग में कूदकर जौहर किया था, लेकिन अपनी आन बान पर आंच नहीं आने दी थी, लेकिन फिल्म में रानी पद्मावती को नाचते गाते दिखाकर शर्मसार करने का काम किया है। इससे पहले भी संजय लीला भंसाली फिल्म बाजीराव मस्तानी में राजपूतों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की थी। बाजीराव एक बहादुर राजा था, जिन्हें फिल्म में आशिक के रूप में दिखाया गया। विक्रांत राणा ने कहा कि अब राजपूतों के सब्र का बांध टूट रहा है। यदि फिल्म को सिनेमा घरों में प्रदर्शित किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। विनय राणा ने कहा कि सरकार फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाए और अराजकता का माहौल उत्पन्न होने से रोकें। इस दौरान संजय राणा, अनिल राणा, दीपक राणा, मोतीराम चौहान, सरदार सूबे सिंह आदि की मौजूदगी रही।
विज्ञापन
महासभा के जिलाध्यक्ष ठाकुर किरणपाल ने कहा, कि फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली हर बार अपनी फिल्मों में राजपूतों के गौरवशाली इतिहास को शर्मसार करते आ रहे है। अब यह बर्दाश्त नहीं होगा। राजपूतों का सब्र का बांध टूट रहा है। उन्होंने कहा कि फिल्म पद्मावती में इतिहास को नजर अंदाज कर रानी पद्मावती के चरित्र के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि रानी पद्मावती चित्तौड़ के राजा रत्नसेन की रानी थी, जो एक महान और बहादुर वीरंगना थी। अलाऊद्दीन खिलजी के चित्तौड़ पर हमला करने के बाद रानी पद्मावती ने महल की 1600 नारियों के साथ आग में कूदकर जौहर किया था, लेकिन अपनी आन बान पर आंच नहीं आने दी थी, लेकिन फिल्म में रानी पद्मावती को नाचते गाते दिखाकर शर्मसार करने का काम किया है। इससे पहले भी संजय लीला भंसाली फिल्म बाजीराव मस्तानी में राजपूतों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की थी। बाजीराव एक बहादुर राजा था, जिन्हें फिल्म में आशिक के रूप में दिखाया गया। विक्रांत राणा ने कहा कि अब राजपूतों के सब्र का बांध टूट रहा है। यदि फिल्म को सिनेमा घरों में प्रदर्शित किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। विनय राणा ने कहा कि सरकार फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाए और अराजकता का माहौल उत्पन्न होने से रोकें। इस दौरान संजय राणा, अनिल राणा, दीपक राणा, मोतीराम चौहान, सरदार सूबे सिंह आदि की मौजूदगी रही।
विज्ञापन