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जिले के 64 निक्षय मित्र दे रहे सहयोग
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सहारनपुर। वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने को लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत अब निक्षय मित्र भी इस योजना से जुड़ रहे हैं। क्षय रोग विभाग के सहयोग से अब तक 64 निक्षय मित्र आगे आकर टीबी रोगियों को हर माह पुष्टाहार उपलब्ध कराएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने वालों को चिह्नित कर निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा रहा है। इसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्वयंसेवी संस्था के लोगों को बनाया गया है। जनपद में करीब 4255 टीबी रोगी पंजीकृत हैं। उनका कहना है कि जो निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं वह हर माह टीबी रोगियों को पुष्टाहार उपलब्ध कराएंगे। पुष्टाहार राशन किट में भुने चने, मूंगफली, सोयाबीन, दलिया, सत्तू, गुड़ और आयुष रक्षा किट शामिल है।
टीमें करती हैं चिह्नित
टीबी रोगियों को चिह्नित करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचती है। किसी व्यक्ति के टीबी से मिलते-जुलते लक्षण लगते हैं तो उनका सैंपल लेकर जांच कराई जाती है। उसके बाद टीबी के लक्षण मिलते हैं तो उसका इलाज शुरू कराया जाता है।
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टीबी के लक्षण
-लगातार दो हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना
-छाती में दर्द की शिकायत होती है।
-वजन घटने लगता है।
-सांस फूलने लगती है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने वालों को चिह्नित कर निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा रहा है। इसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्वयंसेवी संस्था के लोगों को बनाया गया है। जनपद में करीब 4255 टीबी रोगी पंजीकृत हैं। उनका कहना है कि जो निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं वह हर माह टीबी रोगियों को पुष्टाहार उपलब्ध कराएंगे। पुष्टाहार राशन किट में भुने चने, मूंगफली, सोयाबीन, दलिया, सत्तू, गुड़ और आयुष रक्षा किट शामिल है।
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टीमें करती हैं चिह्नित
टीबी रोगियों को चिह्नित करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचती है। किसी व्यक्ति के टीबी से मिलते-जुलते लक्षण लगते हैं तो उनका सैंपल लेकर जांच कराई जाती है। उसके बाद टीबी के लक्षण मिलते हैं तो उसका इलाज शुरू कराया जाता है।
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टीबी के लक्षण
-लगातार दो हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना
-छाती में दर्द की शिकायत होती है।
-वजन घटने लगता है।
-सांस फूलने लगती है।