{"_id":"6001bdf08ebc3e33f6108f8b","slug":"61888-houses-in-the-city-are-not-getting-garbage-saharanpur-news-mrt520675686","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के 61888 घरों से नहीं हो रहा कूड़ा उठान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के 61888 घरों से नहीं हो रहा कूड़ा उठान
विज्ञापन
शहर के 61888 घरों से नहीं हो रहा कूड़ा उठान
सहारनपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण में बीते वर्ष नगर निगम ने टॉप-10 में आने का लक्ष्य रखा था। लेकिन लाख प्रयास के बावजूद 49वां स्थान मिला था। हालांकि, वर्ष 2019 में 92वीं रैंक से बेहतर स्थिति में आया था। इस बार नगर निगम पहले पायदान पर आने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नगर निगम ने घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने की व्यवस्था की है। बीते वर्ष मात्र 20 वार्डों में यह व्यवस्था थी, जिससे करीब 30 हजार मकान तक निगम की पहुंच थी। बीते एक वर्ष में नगर निगम ने घर-घर से कूड़ा उठान की दिशा में कार्य किया है। अधिकारियों का दावा है कि सभी 70 वार्डों में से 90 फीसदी में घर-घर से कूड़ा उठान की व्यवस्था कर ली गई है। बाहरी वार्डों में शामिल 32 गांवों में से ज्यादातर इससे अछूते हैं। निगम के 90 फीसदी वार्डों से घर-घर से कूड़ा उठान की पड़ताल की गई तो करीब 60 फीसदी घरों से ही कचरे का उठान हो रहा है। हकीकत यह है कि 70 वार्डों में 156373 मकान पंजीकृत हैं, जिनमें से 94485 मकानों से ही कूड़े का उठान किया जा रहा है। शेष 61888 मकानों से कूड़ा या तो उठाने की व्यवस्था नहीं हो पाई है या फिर लोग प्रतिमाह दिए जाने वाले 40 से 100 रुपये बचाने के लिए कचरा नहीं दे रहे हैं।
--------
इन संस्थाओं द्वारा किया जा रहा कार्य
घर-घर से कूड़ा उठान के लिए नगर निगम ने आईटीसी की मुस्कान, फोर्स और स्पेस एनजीओ के साथ ओएमयू साइन किया हुआ है। इन एनजीओ के कर्मचारी रेहड़ी लेकर कॉलोनियों में जाते हैं और घर-घर से कूड़ा लेकर सेंटर तक पहुंचाते हैं। इनके अलावा नगर निगम के अपने कर्मचारी भी यह कार्य करते हैं।
विज्ञापन
--------
40 से 100 रुपये है शुल्क
कूड़ा उठान के लिए हर घर से वसूले जाते हैं 40 से 100 रुपये
एनजीओ द्वारा घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए कॉलोनियों से अलग-अलग शुल्क वसूल किए जाते हैं। कहीं पर 40 से 50 रुपये प्रति घर प्रतिमाह लिया जा रहा है। कुछ जगहों पर 100 रुपये तक लिए जाते हैं। व्यावसायिक भवनों से कूड़ा उठान के भी 100 रुपये निर्धारित हैं।
-------
नगर निगम 90 फीसदी वार्डों में घर-घर से कूड़ा उठान कर रहा है। मगर कुछ लोग 40 से 50 रुपये बचाने के लिए सफाईकर्मियों को कचरा नहीं देना चाहते हैं। ऐसे लोगों को लगातार समझाया जा रहा है।
डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
विज्ञापन
सहारनपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण में बीते वर्ष नगर निगम ने टॉप-10 में आने का लक्ष्य रखा था। लेकिन लाख प्रयास के बावजूद 49वां स्थान मिला था। हालांकि, वर्ष 2019 में 92वीं रैंक से बेहतर स्थिति में आया था। इस बार नगर निगम पहले पायदान पर आने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नगर निगम ने घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने की व्यवस्था की है। बीते वर्ष मात्र 20 वार्डों में यह व्यवस्था थी, जिससे करीब 30 हजार मकान तक निगम की पहुंच थी। बीते एक वर्ष में नगर निगम ने घर-घर से कूड़ा उठान की दिशा में कार्य किया है। अधिकारियों का दावा है कि सभी 70 वार्डों में से 90 फीसदी में घर-घर से कूड़ा उठान की व्यवस्था कर ली गई है। बाहरी वार्डों में शामिल 32 गांवों में से ज्यादातर इससे अछूते हैं। निगम के 90 फीसदी वार्डों से घर-घर से कूड़ा उठान की पड़ताल की गई तो करीब 60 फीसदी घरों से ही कचरे का उठान हो रहा है। हकीकत यह है कि 70 वार्डों में 156373 मकान पंजीकृत हैं, जिनमें से 94485 मकानों से ही कूड़े का उठान किया जा रहा है। शेष 61888 मकानों से कूड़ा या तो उठाने की व्यवस्था नहीं हो पाई है या फिर लोग प्रतिमाह दिए जाने वाले 40 से 100 रुपये बचाने के लिए कचरा नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
--------
इन संस्थाओं द्वारा किया जा रहा कार्य
घर-घर से कूड़ा उठान के लिए नगर निगम ने आईटीसी की मुस्कान, फोर्स और स्पेस एनजीओ के साथ ओएमयू साइन किया हुआ है। इन एनजीओ के कर्मचारी रेहड़ी लेकर कॉलोनियों में जाते हैं और घर-घर से कूड़ा लेकर सेंटर तक पहुंचाते हैं। इनके अलावा नगर निगम के अपने कर्मचारी भी यह कार्य करते हैं।
विज्ञापन
--------
40 से 100 रुपये है शुल्क
कूड़ा उठान के लिए हर घर से वसूले जाते हैं 40 से 100 रुपये
एनजीओ द्वारा घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए कॉलोनियों से अलग-अलग शुल्क वसूल किए जाते हैं। कहीं पर 40 से 50 रुपये प्रति घर प्रतिमाह लिया जा रहा है। कुछ जगहों पर 100 रुपये तक लिए जाते हैं। व्यावसायिक भवनों से कूड़ा उठान के भी 100 रुपये निर्धारित हैं।
-------
नगर निगम 90 फीसदी वार्डों में घर-घर से कूड़ा उठान कर रहा है। मगर कुछ लोग 40 से 50 रुपये बचाने के लिए सफाईकर्मियों को कचरा नहीं देना चाहते हैं। ऐसे लोगों को लगातार समझाया जा रहा है।
डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।