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बच्चों को दीनी तालीम भी दिलाएं मुसलमान
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चिलकाना (सहारनपुर)। आज के दौर में मदरसों में भी दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम मिल रही है। मुसलमान अपने बच्चों को मदरसों में भेज कर दोनो तरह की तालीम दिलाए।
शनिवार रात चिलकाना के गांव कातला खुर्द में मदरसा ताजीब उल कुरआन द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह के दौरान बिजनौर से आये मौलाना आसिफ ने कहा कि मुसलमान अपने बच्चों को दीन की तालीम दिलाने में पिछड़ रहा है। मुस्लिमों को चाहिए कि अपने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ-साथ कुरआन और हदीस की शिक्षा भी दिलाए। आज इस दौर में मदरसों में दीन के साथ दुनियावी तालीम दिलाई जा रही है, जिससे बच्चा दीन के साथ-साथ अपने मुस्तकबिल को भी अच्छा बना सके। मौलाना आशिक इलाही ने कहा कि मुस्लिमों को लड़कियों को पढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। एक लड़की ही पढ़ लिख कर दो घर रोशन करके समाज व अपने परिवार वालों का सम्मान बढ़ाती है। मदरसे द्वारा बच्चों को कुरआन हाफिज करने वाले बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि कुरआन हाफिज होने वाले बच्चे अपने मां-बाप को जन्नत में ले जाने का जरिया बनेंगे। मुसलमान अपने बच्चों को कुरआन हाफिज बनाए, ताकि दुनिया के साथ-साथ दीन को भी बढ़ावा मिल सके। जलसे में कुरआन हाफिज करने पर मो. हुसैन, अब्दुर्रहमान, आस मोहम्मद, अब्दुल बारी, मोहम्मद ओसामा, अब्दुल वहाब आदि की दस्तारबंदी की गई। जलसे को पंजाब मलेर कोटला से आए मौलाना यामीन, मौलाना सादिक , मौलाना अब्दुल करीम, मौलाना सलमान, कारी शावेज, मो. रागिब आदि ने संबोधित किया। जलसे में प्रधान लियाकत, मो. अहतेशाम, नौशाद, मौलाना करीम, डा. अब्दुल लतीफ, मो. राशिद, इरफान, कौशर अली, नाजिम, हाजी तालिब, मुतलिब, रिजवान, फैजान, असलम आदि शामिल रहे।
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शनिवार रात चिलकाना के गांव कातला खुर्द में मदरसा ताजीब उल कुरआन द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह के दौरान बिजनौर से आये मौलाना आसिफ ने कहा कि मुसलमान अपने बच्चों को दीन की तालीम दिलाने में पिछड़ रहा है। मुस्लिमों को चाहिए कि अपने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ-साथ कुरआन और हदीस की शिक्षा भी दिलाए। आज इस दौर में मदरसों में दीन के साथ दुनियावी तालीम दिलाई जा रही है, जिससे बच्चा दीन के साथ-साथ अपने मुस्तकबिल को भी अच्छा बना सके। मौलाना आशिक इलाही ने कहा कि मुस्लिमों को लड़कियों को पढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। एक लड़की ही पढ़ लिख कर दो घर रोशन करके समाज व अपने परिवार वालों का सम्मान बढ़ाती है। मदरसे द्वारा बच्चों को कुरआन हाफिज करने वाले बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि कुरआन हाफिज होने वाले बच्चे अपने मां-बाप को जन्नत में ले जाने का जरिया बनेंगे। मुसलमान अपने बच्चों को कुरआन हाफिज बनाए, ताकि दुनिया के साथ-साथ दीन को भी बढ़ावा मिल सके। जलसे में कुरआन हाफिज करने पर मो. हुसैन, अब्दुर्रहमान, आस मोहम्मद, अब्दुल बारी, मोहम्मद ओसामा, अब्दुल वहाब आदि की दस्तारबंदी की गई। जलसे को पंजाब मलेर कोटला से आए मौलाना यामीन, मौलाना सादिक , मौलाना अब्दुल करीम, मौलाना सलमान, कारी शावेज, मो. रागिब आदि ने संबोधित किया। जलसे में प्रधान लियाकत, मो. अहतेशाम, नौशाद, मौलाना करीम, डा. अब्दुल लतीफ, मो. राशिद, इरफान, कौशर अली, नाजिम, हाजी तालिब, मुतलिब, रिजवान, फैजान, असलम आदि शामिल रहे।
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