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कर वसूली में खेल, आय बढ़ाने में निगम फेल
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कर वसूली में खेल, आय बढ़ाने में निगम फेल
सहारनपुर। कई साल से नगर निगम का कर विभाग निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 30 से 35 फीसदी की ही वसूली कर पा रहा है। शहर के अनेक इलाकों को टैक्स से फ्री रखा गया है। वहां निगम की तरफ से पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई, सड़क-नाली का निर्माण सहित सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। लेकिन निगम तक टैक्स नहीं पहुंच रहा। सवाल यह है कि टैक्स वसूली नहीं हो रही है या फिर कोई खेल चल रहा है।
गृह एवं संपत्ति कर, सीवर कर और जल कर नगर निगम की कमाई का बड़ा जरिया है। मगर टैक्स वसूली में नगर निगम लगातार पिछड़ता रहा है, जिसकी एक वजह कई इलाकों में अभी तक टैक्स न लगाया जाना है। ऐसा ही इलाका है 62 फुटा रोड। जहां टैक्स वसूली नहीं होने का पता तब चला, जब पिछले दिनों क्षेत्र के टैक्स से संबंधित फाइल तलब की गई। संबंधित पटल के कर्मचारियों ने सच्चाई छिपाने के लिए फाइल गायब हो जाने की अफवाह फैला दी। कई दिन तक फाइल कराई गई। लेकिन फिर खुलासा हुआ है कि 62 फुटा रोड पर बने रिहायशी भवनों के साथ ही व्यावसायिक भवनों पर अब तक टैक्स ही नहीं लगाया गया है, जबकि इस क्षेत्र में नगर निगम तमाम सुविधाएं मुहैया कराता आ रहा है। अब आनन फानन में अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के लिए अब 62 फुटा रोड क्षेत्र में टैक्स वसूली की तैयारी में जुट गए हैं। निगम सूत्रों बताया कि 62 फुटा रोड के अलावा शहर की अनेक कॉलोनियों में आज भी टैक्स नहीं लगा है।
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बड़े बकाएदारों पर कार्रवाई नहीं
नगर निगम का 20 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स लोगों पर बकाया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि अनेक व्यावसायिक भवन ऐसे हैं, जिनके साथ सेटिंग कर कम टैक्स वसूला जा रहा है। दिल्ली रोड स्थित एक होटल भी शामिल है, जिसकी फाइल कुछ दिन पहले गायब कर दी गई थी, जो एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के दफ्तर में फर्श पर पड़ी मिली थी। वर्ष 2010 में तत्कालीन नगरायुक्त ने शहर के 50 बड़े बकाएदारों के नाम की लिस्ट नगर निगम में सार्वजनिक की थी, जिसका मकसद टैक्स जमा कराने के लिए दबाव बनाना था। मगर उसके बाद नगर निगम ने टैक्स वसूली में कोई सख्ती नहीं दिखाई है।
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मैनुअल रिकार्ड भी नहीं
नगर निगम सहारनपुर के पास वर्ष 2015 के बाद की टैक्स वसूली का मैनुअल रिकार्ड नहीं है। इसकी वजह से वसूली में परेशानी आ रही है। केवल कंप्यूटर में दर्ज रिकार्ड केआधार पर वसूली करने में परेशानी आती रही है। ऐसे में अब टैक्स विभाग मैनुअल रिकार्ड तैयार करने में जुटा है।
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लक्ष्य नहीं बढ़ा रहा निगम, वसूली में फिसड्डी
नगर निगम ने वर्ष 2016-17 में गृह एवं संपत्ति कर के लिए 1300 लाख रुपये का लक्ष्य रखा, जो वर्ष 2017-18 और वर्ष 2018-19 में भी बढ़ाया नहीं गया है। वसूली की बात करें तो वह लक्षय के सापेक्ष 30 से 35 ही फीसदी रही है। इसी प्रकार जल कर का लक्षय भी पिछले तीन साल से 1350 लाख रुपये ही चला आ रहा है। सीवर कर मात्र 120 लाख है, इसके लक्षय में भी बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। नगर निगम की बोर्ड बैठकों में भी लक्षय नहीं बढ़ाने को लेकर हंगामे हो चुके हैं।
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कर मामले में भवन स्वामियों को भेजे गए हैं नोटिस
62 फुटा रोड पर कर लगवा दिया गया है। भवन स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं। रही बात अन्य इलाकों की तो फाइलें मांगी गई हैं। जिन-जिन क्षेत्रों में नगर निगम सुविधा दे रहा है वहां टैक्स जरूर वसूला जाएगा। इस संबंध में कर्मचारियों को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं। - रवीश चौधरी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी।
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सहारनपुर। कई साल से नगर निगम का कर विभाग निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 30 से 35 फीसदी की ही वसूली कर पा रहा है। शहर के अनेक इलाकों को टैक्स से फ्री रखा गया है। वहां निगम की तरफ से पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई, सड़क-नाली का निर्माण सहित सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। लेकिन निगम तक टैक्स नहीं पहुंच रहा। सवाल यह है कि टैक्स वसूली नहीं हो रही है या फिर कोई खेल चल रहा है।
गृह एवं संपत्ति कर, सीवर कर और जल कर नगर निगम की कमाई का बड़ा जरिया है। मगर टैक्स वसूली में नगर निगम लगातार पिछड़ता रहा है, जिसकी एक वजह कई इलाकों में अभी तक टैक्स न लगाया जाना है। ऐसा ही इलाका है 62 फुटा रोड। जहां टैक्स वसूली नहीं होने का पता तब चला, जब पिछले दिनों क्षेत्र के टैक्स से संबंधित फाइल तलब की गई। संबंधित पटल के कर्मचारियों ने सच्चाई छिपाने के लिए फाइल गायब हो जाने की अफवाह फैला दी। कई दिन तक फाइल कराई गई। लेकिन फिर खुलासा हुआ है कि 62 फुटा रोड पर बने रिहायशी भवनों के साथ ही व्यावसायिक भवनों पर अब तक टैक्स ही नहीं लगाया गया है, जबकि इस क्षेत्र में नगर निगम तमाम सुविधाएं मुहैया कराता आ रहा है। अब आनन फानन में अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के लिए अब 62 फुटा रोड क्षेत्र में टैक्स वसूली की तैयारी में जुट गए हैं। निगम सूत्रों बताया कि 62 फुटा रोड के अलावा शहर की अनेक कॉलोनियों में आज भी टैक्स नहीं लगा है।
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बड़े बकाएदारों पर कार्रवाई नहीं
नगर निगम का 20 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स लोगों पर बकाया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि अनेक व्यावसायिक भवन ऐसे हैं, जिनके साथ सेटिंग कर कम टैक्स वसूला जा रहा है। दिल्ली रोड स्थित एक होटल भी शामिल है, जिसकी फाइल कुछ दिन पहले गायब कर दी गई थी, जो एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के दफ्तर में फर्श पर पड़ी मिली थी। वर्ष 2010 में तत्कालीन नगरायुक्त ने शहर के 50 बड़े बकाएदारों के नाम की लिस्ट नगर निगम में सार्वजनिक की थी, जिसका मकसद टैक्स जमा कराने के लिए दबाव बनाना था। मगर उसके बाद नगर निगम ने टैक्स वसूली में कोई सख्ती नहीं दिखाई है।
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मैनुअल रिकार्ड भी नहीं
नगर निगम सहारनपुर के पास वर्ष 2015 के बाद की टैक्स वसूली का मैनुअल रिकार्ड नहीं है। इसकी वजह से वसूली में परेशानी आ रही है। केवल कंप्यूटर में दर्ज रिकार्ड केआधार पर वसूली करने में परेशानी आती रही है। ऐसे में अब टैक्स विभाग मैनुअल रिकार्ड तैयार करने में जुटा है।
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लक्ष्य नहीं बढ़ा रहा निगम, वसूली में फिसड्डी
नगर निगम ने वर्ष 2016-17 में गृह एवं संपत्ति कर के लिए 1300 लाख रुपये का लक्ष्य रखा, जो वर्ष 2017-18 और वर्ष 2018-19 में भी बढ़ाया नहीं गया है। वसूली की बात करें तो वह लक्षय के सापेक्ष 30 से 35 ही फीसदी रही है। इसी प्रकार जल कर का लक्षय भी पिछले तीन साल से 1350 लाख रुपये ही चला आ रहा है। सीवर कर मात्र 120 लाख है, इसके लक्षय में भी बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। नगर निगम की बोर्ड बैठकों में भी लक्षय नहीं बढ़ाने को लेकर हंगामे हो चुके हैं।
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कर मामले में भवन स्वामियों को भेजे गए हैं नोटिस
62 फुटा रोड पर कर लगवा दिया गया है। भवन स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं। रही बात अन्य इलाकों की तो फाइलें मांगी गई हैं। जिन-जिन क्षेत्रों में नगर निगम सुविधा दे रहा है वहां टैक्स जरूर वसूला जाएगा। इस संबंध में कर्मचारियों को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं। - रवीश चौधरी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी।
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