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टोडरपुर मिल पर 25 वें दिन भी जारी रहा किसानों का धरना
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:14 AM IST
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। मिल को चलाये जाने की मांग को लेकर किसानों का धरना 25 वें दिन भी जारी रहा। क्षेत्र के किसान अब मिल चालू कराए जाने की मांग को लेकर आरपार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं।
पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराये जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसानों का पिछले 25 दिन से लगातार धरना जारी है। किसान मिल चालू कराये जाने को लेकर अब आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र की एकमात्र औद्योगिक इकाई के बंद होने से विकास चौपट हो गया है। क्षेत्र के किसान गन्ने की खेती पर निर्भर होने के चलते पिछले चार वर्षों से अपने बच्चों को न तो उच्च शिक्षा दिला पा रहे हैं, न ही समय से अपने बच्चों की शादियां तक कर पा रहे हैं। कोल्हुओं पर गन्ने के औने पौने दाम मिलने के चलते फसल की लागत तक पूरी नही हो पा रही है। इसके चलते किसान लगातार कर्ज में डूबते जा रहे हैं। क्षेत्र के 356 गांवों के किसानों को 20 नवंबर का बेसब्री से इंतजार है कि 20 नवंबर तक प्रशासनिक स्तर पर उनके लिए क्या फैसला लिया जाएगा।
धरने पर रविंद्र कुमार, जयपाल सिंह, जगदीश प्रसाद, सोनू पंवार, बुद्ध सिंह प्रधान, ज्ञानचंद, चौ. रामपाल सिंह, मोनू कुमार, दर्शनलाल, शोभाराम भगत, पवन सिंह, बिरमपाल काम्बोज, देवी सिंह, यशविंद्र, मयंक, मनीष कुमार, सतीश शर्मा, चमेल सिंह सैनी, सुरेश पाल, चौ. मुकर्रम, अफजाल, शेर सिंह आदि मौजूद रहे।
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पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराये जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसानों का पिछले 25 दिन से लगातार धरना जारी है। किसान मिल चालू कराये जाने को लेकर अब आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र की एकमात्र औद्योगिक इकाई के बंद होने से विकास चौपट हो गया है। क्षेत्र के किसान गन्ने की खेती पर निर्भर होने के चलते पिछले चार वर्षों से अपने बच्चों को न तो उच्च शिक्षा दिला पा रहे हैं, न ही समय से अपने बच्चों की शादियां तक कर पा रहे हैं। कोल्हुओं पर गन्ने के औने पौने दाम मिलने के चलते फसल की लागत तक पूरी नही हो पा रही है। इसके चलते किसान लगातार कर्ज में डूबते जा रहे हैं। क्षेत्र के 356 गांवों के किसानों को 20 नवंबर का बेसब्री से इंतजार है कि 20 नवंबर तक प्रशासनिक स्तर पर उनके लिए क्या फैसला लिया जाएगा।
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धरने पर रविंद्र कुमार, जयपाल सिंह, जगदीश प्रसाद, सोनू पंवार, बुद्ध सिंह प्रधान, ज्ञानचंद, चौ. रामपाल सिंह, मोनू कुमार, दर्शनलाल, शोभाराम भगत, पवन सिंह, बिरमपाल काम्बोज, देवी सिंह, यशविंद्र, मयंक, मनीष कुमार, सतीश शर्मा, चमेल सिंह सैनी, सुरेश पाल, चौ. मुकर्रम, अफजाल, शेर सिंह आदि मौजूद रहे।
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