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पुलिस गाड़ी की टक्कर से पिता की मौत, बेटा गंभीर
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:44 PM IST
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बेहट (सहारनपुर)। बिहारीगढ़ थाने की गाड़ी से बाइक सवार पिता-पुत्र को टक्कर टक्कर लग गई। जिससे पिता की मौत हो गई, जबकि दस साल का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के विरोध में लोगों ने गाड़ी में सवार बिहारीगढ़ थाना प्रभारी समेत सभी पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर एक कमरे में बैठा दिया। इसके बाद सड़क पर जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। क्षेत्रीय विधायक नरेश सैनी एवं पूर्व एमएलसी उमर अली खान के समझाने एवं मुआवजे का आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों ने पुलिसकर्मियों के बंधनमुक्त किया।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे बिहारीगढ़ थाना प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सरकारी जीप से बेहट से थाने पर जा रहे थे। जब वह ग्राम मांझीपुर में बुबका-कोठड़ी रोड पर पहुंचे तभी उनकी जीप से बाइक को टक्कर लग गई। टक्कर लगते ही बाइक पर सवार मोहतरम (40) पुत्र शकील निवासी मांझीपुर व उसका दस साल का बेटा मोनिश सड़क गिर गए। मोहतरम का सिर सड़क में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोनिश गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे हायर सेंटर ले जाया गया है।
हादसा होते ही मौके पर पहुंची भीड़ ने सरकारी जीप में सवार थाना प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा समेत सभी पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और एक कमरे में ले जाकर बैठा लिया। घटना से आक्रोशित भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम शिव नारायण शर्मा एवं सीओ ब्रह्मपाल सिंह फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। सर्किल के अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम एवं सीओ ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। लोगों ने आरोप लगाया कि हादसा जीप के चालक की लापरवाही से हुआ। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक नरेश सैनी एवं पूर्व एमएलसी उमर अली खान भी घटनास्थल पहुंचे और मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया। विधायक एवं पूर्व एमएलसी द्वारा दिए जाने पर दोपहर लगभग एक बजे बंधक पुलिसकर्मियों को छोड़ा और जाम खोला गया। इसके बाद मृतक के शव को परिजन सड़क से उठाकर ले गए।
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-- बिना कार्रवाई के शव परिजनों के सुपुर्द किया
बेहट कोतवाली प्रभारी छोटे सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों ने कार्रवाई करने से मना कर दिया, जिस पर शव लिखा पढ़ी के बाद उनकी सुपुर्दगी में दिया गया। उन्होंने बताया, बिहारीगढ़ थाना प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों को किसी ने पकड़कर नहीं बैठाया, वे खुद उन्हें मौके पर भीड़ के पहुंचने की वजह से लेकर गए थे।
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-- प्राईवेट बस परिचालक था
मांझीपुर गांव में थाना बिहारीगढ़ की सरकारी जीप से हुए हादसे में मारा गया मोहतरम सहारनपुर विकास नगर रूट की प्राइवेट यात्री बस पर परिचालक था। अपने गरीब परिवार की रोजी रोटी का इंतजाम मोहतरम ही करता था। पांच महीने पहले उसके भाई मुस्तकीम की भी मौत हो गई थी। भाई की मौत के बाद से भरे पूरे परिवार का पालन पोषण करने की जिम्मेदारी मोहतरम के कंधों पर ही थी। हादसे में घायल हुआ उसका दस साल का बेटा मोनिश उसका इकलौता पुत्र है, जो हायर सेंटर में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
हेलमेट भी नहीं बचा सका मोहतरम को
पुलिस जीप की टक्कर से मरने वाले मोहतरम की जिंदगी हेलमेट भी नहीं बचा पाया। बताया जा रहा है कि मोहतरम ने हेलमेट भी पहन रखा था, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि हेलमेट भी टुकडे़-टुकड़े हो गया। जिसके बाद सिर सड़क से टकरा गया और मोहतरम की मौके पर ही मौत हो गई।
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मंगलवार सुबह करीब दस बजे बिहारीगढ़ थाना प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सरकारी जीप से बेहट से थाने पर जा रहे थे। जब वह ग्राम मांझीपुर में बुबका-कोठड़ी रोड पर पहुंचे तभी उनकी जीप से बाइक को टक्कर लग गई। टक्कर लगते ही बाइक पर सवार मोहतरम (40) पुत्र शकील निवासी मांझीपुर व उसका दस साल का बेटा मोनिश सड़क गिर गए। मोहतरम का सिर सड़क में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोनिश गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे हायर सेंटर ले जाया गया है।
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हादसा होते ही मौके पर पहुंची भीड़ ने सरकारी जीप में सवार थाना प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा समेत सभी पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और एक कमरे में ले जाकर बैठा लिया। घटना से आक्रोशित भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम शिव नारायण शर्मा एवं सीओ ब्रह्मपाल सिंह फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। सर्किल के अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम एवं सीओ ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। लोगों ने आरोप लगाया कि हादसा जीप के चालक की लापरवाही से हुआ। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक नरेश सैनी एवं पूर्व एमएलसी उमर अली खान भी घटनास्थल पहुंचे और मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया। विधायक एवं पूर्व एमएलसी द्वारा दिए जाने पर दोपहर लगभग एक बजे बंधक पुलिसकर्मियों को छोड़ा और जाम खोला गया। इसके बाद मृतक के शव को परिजन सड़क से उठाकर ले गए।
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-- बिना कार्रवाई के शव परिजनों के सुपुर्द किया
बेहट कोतवाली प्रभारी छोटे सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों ने कार्रवाई करने से मना कर दिया, जिस पर शव लिखा पढ़ी के बाद उनकी सुपुर्दगी में दिया गया। उन्होंने बताया, बिहारीगढ़ थाना प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों को किसी ने पकड़कर नहीं बैठाया, वे खुद उन्हें मौके पर भीड़ के पहुंचने की वजह से लेकर गए थे।
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-- प्राईवेट बस परिचालक था
मांझीपुर गांव में थाना बिहारीगढ़ की सरकारी जीप से हुए हादसे में मारा गया मोहतरम सहारनपुर विकास नगर रूट की प्राइवेट यात्री बस पर परिचालक था। अपने गरीब परिवार की रोजी रोटी का इंतजाम मोहतरम ही करता था। पांच महीने पहले उसके भाई मुस्तकीम की भी मौत हो गई थी। भाई की मौत के बाद से भरे पूरे परिवार का पालन पोषण करने की जिम्मेदारी मोहतरम के कंधों पर ही थी। हादसे में घायल हुआ उसका दस साल का बेटा मोनिश उसका इकलौता पुत्र है, जो हायर सेंटर में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
हेलमेट भी नहीं बचा सका मोहतरम को
पुलिस जीप की टक्कर से मरने वाले मोहतरम की जिंदगी हेलमेट भी नहीं बचा पाया। बताया जा रहा है कि मोहतरम ने हेलमेट भी पहन रखा था, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि हेलमेट भी टुकडे़-टुकड़े हो गया। जिसके बाद सिर सड़क से टकरा गया और मोहतरम की मौके पर ही मौत हो गई।