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ढमोला नदी पुल की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दे रहा प्रशासन

Wed, 26 Sep 2018 12:21 AM IST
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:21 AM IST
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ढमोला नदी पुल की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दे रहा प्रशासन
जर्जर ढमोला नदी के पुल से गुजर रहे पांच राज्यों के वाहन
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सहारनपुर। महानगर के अति महत्वपूर्ण ढमोला नदी पुल की दुर्दशा पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। पुल के की फुटपाथ गायब हो चुकी है। कई जगहों पर रेलिंग नहीं है और पुल में दरार भी आ चुकी है। इस पुल से पांच राज्यों के हजारों वाहन रोजाना गुजरते हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं।
ढमोला नदी पुल का निर्माण चालीस वर्ष पूर्व हुआ था। इसके बराबर आजादी से पूर्व बना छोटा पुल आज भी ठीक-ठाक हालत में है। लेकिन बड़े ढमोला नदी पुल की हालत खराब हो चुकी है। यह स्थिति तब है, जब इस पुल से वीवीआईपी के काफिले भी गुजरते हैं। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक के काफिले भी कई बार पुल से गुजर चुके हैं। पुल के एक तरफ की फुटपाथ पूरी तरह खत्म हो चुका है। कई जगहों पर रेलिंग भी टूटी पड़ी है। छोटे और बड़े पुल के बीच बने डिवाइडर पर भी टूटा है। इस कारण रात में चालकों को छोटे और बड़े पुल का रास्ता नहीं दिखाई देता और वाहन फंसकर पलट जाते हैं।
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इस पुल से रोजाना जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के हजारों वाहन गुजरते हैं। बड़े पुल के बीच ढमोला नदी के ऊपर दरार आ चुकी है, जिस पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में पुल किसी भी दिन बैठ सकता है और बड़ा हादसा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ढमोला नदी पुल के जनकनगर मोड़ पर चार वर्षों से दस फीट गहरा गड्ढा बना है, जिसमें आए दिन रिक्शाएं और थ्रीव्हीलर पलटते रहते हैं। पिछले दिनों स्वारियों से भरी ई-रिक्शा गड्ढे में पलट गई थी। रोजाना गुजरते हैं स्कूली बच्चे
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सहारनपुर। ढमोला नदी के छोटे और बड़े पुल से रोजाना सैंकड़ों स्कूली बच्चे गुजरते हैं। पुल के बराबर में सतयुग आश्रम मॉडल इंटर कॉलेज है। स्कूल के बच्चे पैदल पुल पार करते हैं, लेकिन फुटपाथ न होने की वजह से सड़के से ही बच्चो को गुजरना पड़ता है और भारी वाहनों संचालन भी जारी रहता है। प्रधानाचार्य मनोज काकरान और अध्यापक ब्रिजेश पुंडीर का कहना है कि कई बार उच्चाधिकारियों से पुल की फुटपाथ बनवाने की मांग कर चुका है, लेकिन आज तक पुल नहीं बनवाया गया है। जनकनगर में स्थित कई स्कूलों के बच्चे भी रोजाना खतरे में पैदल सफर तय करते हैं।

पलटा था बजरी से भरा ट्रक
सहारनपुर। रविवार की रात घंटाघर की तरफ से देहरादून चौक तरफ जाता बजरी से भरा ट्रक छोटे और बड़े पुल के डिवाइडर टूटा होने की वजह से पलट गया था। पास में ही स्थित पातालनगरी के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि ट्रक की चपेट में कोई नहीं आया।

रात में ज्यादा खतरा
सहारनपुर। ढमोला नदी पुल पर रात में पैदल सफर करना खतरे से खाली नहीं है। रात में हजारों की संख्या में लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां हरियाणा जाती है। ओवरलोडेड होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रालियों के अगले पहिए उठ जाते हैं और पुल क्षतिग्रस्त होने की वजह से ट्रैक्टर-ट्रालियां पलटती रहती हैं।

कई बार कर चुके मांग
सहारनपुर। जनकनगर निवासी राधेश्याम का कहना है कि पुल की दुर्दशा को लेकर वह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेज चुके हैं। लेकिन पुल के सुधार के लिए आज तक कोई काम नहीं हुआ है। खानआलमपुरा निवासी इसरार खान और रामनगर पठानपुरा निवासी मिंटू कुमार रोहिला का कहना है कि उनको रोजाना पैदल पुल पर सफर करना पड़ता है, लेकिन फुटपाथ न होने की वजह से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।


ढमोला नदी पुल अति महत्वपूर्ण है। पुल को बेहतर करने के लिए प्लान तैयार कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए जाएंगे। पुल ठीक कराने के लिए अलग से बजट तैयार कराया जाएगा।
-आलोक कुमार, जिलाधिकारी
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