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जीएसटी प्रणाली को सरल किया जाए : टंडन
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:24 AM IST
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करों की दर कम करने से सफल
होगी जीएसटी प्रणाली : टंडन
सहारनपुर। उत्तर प्रदेेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि जीएसटी लागू होने के एक वर्ष पूरा होने के बावजूद इसकी जटिलताओं और टैक्स की अधिक दर होने के चलते व्यापारी इससे पूर्णतया संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि सरलीकरण और टैक्स की दर कम करने से ही जीएसटी प्रणाली सफल होगी।
शनिवार को रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर बैठक में जिलाध्यक्ष ने कहा कि हाल ही में केंद्र में मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने भी टैक्स की दरों को कम करने की वकालत करते हुए 28 प्रतिशत के स्लैब को समाप्त करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद देश भर में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इससे सरकार को करीब एक लाख करोड़ रुपये भी अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल की बाध्यता अभी 50 हजार रुपये के माल पर है। इसे बढ़ाकर दो लाख किया जाए। उन्होंने मासिक रिटर्न को भी त्रैमासिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली में व्यापक सुधार एवं अन्य विषयों को लेकर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आठ जुलाई को बुलाई गई है।
संजय भसीन, मेजर एसके सूरी आदि ने भी विचार रखे। बलदेव राज खुंगर, कृष्णलाल मिढढा, अनिल गर्ग, राजीव अग्रवाल, रवि टंडन, संजीव सचदेवा, मुरली खन्ना, पंकज गर्ग, सुधीर गुप्ता, प्रवीन चांदना, भूपेंद्र मोघा, राजीव वालिया, नवीन चड्ढा आदि रहे।
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होगी जीएसटी प्रणाली : टंडन
सहारनपुर। उत्तर प्रदेेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि जीएसटी लागू होने के एक वर्ष पूरा होने के बावजूद इसकी जटिलताओं और टैक्स की अधिक दर होने के चलते व्यापारी इससे पूर्णतया संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि सरलीकरण और टैक्स की दर कम करने से ही जीएसटी प्रणाली सफल होगी।
शनिवार को रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर बैठक में जिलाध्यक्ष ने कहा कि हाल ही में केंद्र में मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने भी टैक्स की दरों को कम करने की वकालत करते हुए 28 प्रतिशत के स्लैब को समाप्त करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद देश भर में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इससे सरकार को करीब एक लाख करोड़ रुपये भी अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल की बाध्यता अभी 50 हजार रुपये के माल पर है। इसे बढ़ाकर दो लाख किया जाए। उन्होंने मासिक रिटर्न को भी त्रैमासिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली में व्यापक सुधार एवं अन्य विषयों को लेकर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आठ जुलाई को बुलाई गई है।
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संजय भसीन, मेजर एसके सूरी आदि ने भी विचार रखे। बलदेव राज खुंगर, कृष्णलाल मिढढा, अनिल गर्ग, राजीव अग्रवाल, रवि टंडन, संजीव सचदेवा, मुरली खन्ना, पंकज गर्ग, सुधीर गुप्ता, प्रवीन चांदना, भूपेंद्र मोघा, राजीव वालिया, नवीन चड्ढा आदि रहे।
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