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अफगानिस्तान के मदरसे में बच्चों पर बमबारी करने का मामला...
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:13 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। अफगानिस्तान के एक मदरसे में हाफिजों की दस्तारबंदी के कार्यक्रम के दौरान अमेरिका की ओर से हुई बमबारी में 150 मासूम छात्रों की मौत होने जाने के मामले में देवबंदी उलमा ने दुख का इजहार करते हुए अमेरिका की इस कार्रवाई को इंसानियत का कत्ल करने वाली कार्रवाई करार दिया है।
फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि जिस अमेरिका ने दुुनिया से आतंकवाद मिटाने का ठेके लिया हुआ है। अगर उसकी कार्रवाईयों का विश्लेषण किया जाए तो आतंकवाद को मिटाना उसका काम नहीं, बल्कि उसकी आड़ में अमेरिका ने खुद आतंकवाद फैला रखा है। उन्होंने कहा कि डेढ़ सौ मासूम बच्चों की मौत पर अमेरिका ने अब तक न तो माफी मांगी और न ही शर्मिंदगी महसूस की। ये अफसोसनाक बात है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से इस घटना का संज्ञान लेकर अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि मासूम बच्चों पर हमला किया जाना जुल्म और बर्बरता है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
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फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि जिस अमेरिका ने दुुनिया से आतंकवाद मिटाने का ठेके लिया हुआ है। अगर उसकी कार्रवाईयों का विश्लेषण किया जाए तो आतंकवाद को मिटाना उसका काम नहीं, बल्कि उसकी आड़ में अमेरिका ने खुद आतंकवाद फैला रखा है। उन्होंने कहा कि डेढ़ सौ मासूम बच्चों की मौत पर अमेरिका ने अब तक न तो माफी मांगी और न ही शर्मिंदगी महसूस की। ये अफसोसनाक बात है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से इस घटना का संज्ञान लेकर अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि मासूम बच्चों पर हमला किया जाना जुल्म और बर्बरता है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
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