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साथियों ने ही विफल कर दिया शिक्षकों का आंदोलन
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:36 AM IST
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सहारनपुर। यूपी बोर्ड के मूल्यांकन का बहिष्कार कर लगातार आंदोलन कर रहे वित्त विहीन शिक्षकों की मांग को लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक गंभीर नहीं है। संगठन ने मूल्यांकन केंद्रों पर ताले जड़ने की चेतावनी दी थी, मगर उन्हीं के कुछ साथी आंदोलन छोड़ मूल्यांकन करने में जुट गए। जिलाध्यक्ष का कहना है कि यदि वित्त विहीन शिक्षक एकजुट होते तो सरकार को झुकना पड़ता।
प्रदेश सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों को मिलने वाला मानदेय बंद किया हुआ है। मानदेय जारी करने तथा भविष्य में समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ प्रदेश भर में मूल्यांकन का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन कर रहा है। यहां भी जीआईसी में लगातार धरना जारी है। धरने के बावजूद मांग न माने जाने से नाराज शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर ताले जड़ने की चेतावनी दी थी। इससे पहले कि वह ताले जड़ते उससे पहले ही उन्हीं के बीच के कुछ लोग मूल्यांकन करने चले गए। इसकी वजह से आंदोलन को झटका लगा है। जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह का कहना है कि पूरब में आंदोलन सफलतापूर्वक चल रहा है। मगर यहां लालचवश कुछ शिक्षक मूल्यांकन कर रहे हैं, जिसकी वजह से आंदोलन पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहा है।
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31 मार्च तक समाप्त हो जाएगा मूल्यांकन
यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए जनपद में चार केंद्र बने हैं, जिनपर साढ़े पांच लाख कॉपियां जांची जानी हैं। 30 से 40 फीसदी परीक्षकों की कमी के बावजूद मंगलवार तक 80 फीसदी से अधिक मूल्यांकन निपटा लिया गया है। डीआईओएस आरके तिवारी ने बताया कि मूल्यांकन ठीक प्रकार से चल रहा है। 31 मार्च तक हम मूल्यांकन को कंपलीट करने वाले हैं।
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प्रदेश सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों को मिलने वाला मानदेय बंद किया हुआ है। मानदेय जारी करने तथा भविष्य में समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ प्रदेश भर में मूल्यांकन का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन कर रहा है। यहां भी जीआईसी में लगातार धरना जारी है। धरने के बावजूद मांग न माने जाने से नाराज शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर ताले जड़ने की चेतावनी दी थी। इससे पहले कि वह ताले जड़ते उससे पहले ही उन्हीं के बीच के कुछ लोग मूल्यांकन करने चले गए। इसकी वजह से आंदोलन को झटका लगा है। जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह का कहना है कि पूरब में आंदोलन सफलतापूर्वक चल रहा है। मगर यहां लालचवश कुछ शिक्षक मूल्यांकन कर रहे हैं, जिसकी वजह से आंदोलन पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहा है।
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31 मार्च तक समाप्त हो जाएगा मूल्यांकन
यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए जनपद में चार केंद्र बने हैं, जिनपर साढ़े पांच लाख कॉपियां जांची जानी हैं। 30 से 40 फीसदी परीक्षकों की कमी के बावजूद मंगलवार तक 80 फीसदी से अधिक मूल्यांकन निपटा लिया गया है। डीआईओएस आरके तिवारी ने बताया कि मूल्यांकन ठीक प्रकार से चल रहा है। 31 मार्च तक हम मूल्यांकन को कंपलीट करने वाले हैं।
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