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दारुल उलूम की वेस्ट यूपी में राब्ता मुहिम 25 मार्च से शुरु
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:39 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में राब्ता मुहिम की शुरुआत 25 मार्च से की जाएगी। तीन माह के लिए चलने वाली इस मुहिम के तहत इस्लाही मुआशरा (समाज सुधार) पर कार्यक्रम करने के साथ ही संस्था के छात्रों के लिए गल्ला इकट्ठा किया जाता है।
शुक्रवार को दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बताया कि संस्था के तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के द्वारा वेस्ट यूपी में चलने वाली इस मुहिम में संस्था के 20 मुबल्लिग (प्रचारक) और 50 से अधिक सहायक काम करते हैं। तीन माह चलने वाली मुहिम में के तहत वेस्ट यूपी के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क साधा जाता है। उन्होंने कहा कि संस्था के द्वारा गल्ला स्कीम के नाम से चलाई जानी वाली मुहिम में केवल गल्ला ही इकट्ठा नहीं किया जाता बल्कि समाज सुधार का काम भी किया जाता है। दारुल उलूम का निजाम जनता के चंदे पर चलता है इसी कड़ी में संस्था चंदे का गेहूं जमा करने का अभियान भी चलाती है। उन्होंने बताया कि दारुल उलूम में पांच हजार से अधिक छात्रों को दो वक्त खाना दिया जाता है। इसके लिए जो गेहूं की जरूरत होती है उसको भी चंदे से ही पूरा किया जाता है।
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शुक्रवार को दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बताया कि संस्था के तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के द्वारा वेस्ट यूपी में चलने वाली इस मुहिम में संस्था के 20 मुबल्लिग (प्रचारक) और 50 से अधिक सहायक काम करते हैं। तीन माह चलने वाली मुहिम में के तहत वेस्ट यूपी के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क साधा जाता है। उन्होंने कहा कि संस्था के द्वारा गल्ला स्कीम के नाम से चलाई जानी वाली मुहिम में केवल गल्ला ही इकट्ठा नहीं किया जाता बल्कि समाज सुधार का काम भी किया जाता है। दारुल उलूम का निजाम जनता के चंदे पर चलता है इसी कड़ी में संस्था चंदे का गेहूं जमा करने का अभियान भी चलाती है। उन्होंने बताया कि दारुल उलूम में पांच हजार से अधिक छात्रों को दो वक्त खाना दिया जाता है। इसके लिए जो गेहूं की जरूरत होती है उसको भी चंदे से ही पूरा किया जाता है।
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