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जीएसटी रिफंड न होने के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:12 AM IST
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सहारनपुर। जीएसटी का रिफंड वापस न होने के विरोध में आईआईए और सहारनपुर वुड कार्विंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने प्रदर्शन कर एडिशनल कमिश्नर वाणिज्य कर को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि नौ महीने बीतने के बाद भी जीएसटी का रिफंड न होने से निर्यातकों की तमाम कार्यशील पूंजी जीएसटी में जमा हो गई है।
बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में उद्यमियों और व्यापारियों ने अंबाला रोड से लेकर दिल्ली रोड स्थित वाणिज्य कर भवन तक जुलूस निकाला। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद आज तक हैंडीक्राफ्ट के निर्यातकों द्वारा जमा कराई गई जीएसटी का रिफंड शुरू नहीं हुआ है। यह कारोबार करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व के 115 देशों में जीएसटी से मिलती-जुलती कर प्रणाली लागू है, लेकिन हमारे देश की जीएसटी प्रणाली सबसे जटिल है। ज्ञापन में उन्होंने लकड़ी के हस्तशिल्प को जीएसटी की परिधि से दूर करने समेत कई मांग उठाई गई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लगने के कारण लकड़ी के हैंडीक्राफ्ट उद्योग संकट में है। लकड़ी की नक्काशी में 60 प्रतिशत मैन पावर लगती है। आईआईए चेयरमैन कृष्ण राजीव सिंघल, सहारनपुर वुड कार्विंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शेख फैजान अहमद, साबिर अली खान, उमेश सचदेवा, मोहम्मद शाहजमां, इरफानुल हक आदि इस दौरान मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में उद्यमियों और व्यापारियों ने अंबाला रोड से लेकर दिल्ली रोड स्थित वाणिज्य कर भवन तक जुलूस निकाला। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद आज तक हैंडीक्राफ्ट के निर्यातकों द्वारा जमा कराई गई जीएसटी का रिफंड शुरू नहीं हुआ है। यह कारोबार करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व के 115 देशों में जीएसटी से मिलती-जुलती कर प्रणाली लागू है, लेकिन हमारे देश की जीएसटी प्रणाली सबसे जटिल है। ज्ञापन में उन्होंने लकड़ी के हस्तशिल्प को जीएसटी की परिधि से दूर करने समेत कई मांग उठाई गई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लगने के कारण लकड़ी के हैंडीक्राफ्ट उद्योग संकट में है। लकड़ी की नक्काशी में 60 प्रतिशत मैन पावर लगती है। आईआईए चेयरमैन कृष्ण राजीव सिंघल, सहारनपुर वुड कार्विंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शेख फैजान अहमद, साबिर अली खान, उमेश सचदेवा, मोहम्मद शाहजमां, इरफानुल हक आदि इस दौरान मौजूद रहे।
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