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डॉक्टर्स डे पर शहर के प्रमुख चिकित्सक सम्मानित
Updated Sun, 02 Jul 2017 01:19 AM IST
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डॉक्टर्स डे पर शहर के प्रमुख चिकित्सक सम्मानित
सहारनपुर। जनचेतना संस्था की ओर से डाक्टर्स डे पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. संजीव मिगलानी, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. रवि ठक्कर, डॉ. आकांक्षा ठक्कर, डॉ. नैना मिगलानी को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। संस्था चेयरमैन गुलशन नागपाल और अध्यक्ष रवि बब्बर ने कहा कि समय के साथ साथ चिकित्सा जैसे पवित्र पेशा एक व्यापार के रूप में परिवर्तित हो रहा है। जिसे रोकना हम सबका सामाजिक उत्तरदायित्व हैं। उन्होंने कहा कि मरीज डॉक्टर को भगवान के रुप में देखता है। इसलिए डॉक्टर का दायित्व और बढ़ जाता है। डा. अजय कुमार सिंह ने चिकित्सा जगत में हो रहे व्यवसायीकरण को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बताया और इसका मुख्य जिम्मेदार झोलाछाप डॉक्टरों को बताया। आइएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. अजय सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ग में अपवाद अवश्य होते हैं, लेकिन कोई भी डॉक्टर अपने मरीज के प्रति जानबूझकर प्रलोभनवश लापरवाही नहीं कर सकता। कार्यक्रम में डा. आकांक्षा ठक्कर ने महिलाओं के सौंदर्य संबंधी उत्तर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के शरीर की प्रवृत्ति भिन्न भिन्न होती है। किसी को धूप हानि पहुंचा सकती है तो किसी को धूप आवश्यक होती है। इस अवसर पर संस्था के महासचिव गोविंद्र सिंह, शिवानी सिंह, अजय भाटिया, आशु सिंधु, विरेंद्र भारती, एचएस ग्रोवर, कमल शर्मा, केके गर्ग, राज जुनेजा, रवि जुनेजा, मनोज खुराना, वीनू संधू, रजनी मखीजा, विकास खरबंदा, नवीन आनंद आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। जनचेतना संस्था की ओर से डाक्टर्स डे पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. संजीव मिगलानी, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. रवि ठक्कर, डॉ. आकांक्षा ठक्कर, डॉ. नैना मिगलानी को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। संस्था चेयरमैन गुलशन नागपाल और अध्यक्ष रवि बब्बर ने कहा कि समय के साथ साथ चिकित्सा जैसे पवित्र पेशा एक व्यापार के रूप में परिवर्तित हो रहा है। जिसे रोकना हम सबका सामाजिक उत्तरदायित्व हैं। उन्होंने कहा कि मरीज डॉक्टर को भगवान के रुप में देखता है। इसलिए डॉक्टर का दायित्व और बढ़ जाता है। डा. अजय कुमार सिंह ने चिकित्सा जगत में हो रहे व्यवसायीकरण को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बताया और इसका मुख्य जिम्मेदार झोलाछाप डॉक्टरों को बताया। आइएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. अजय सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ग में अपवाद अवश्य होते हैं, लेकिन कोई भी डॉक्टर अपने मरीज के प्रति जानबूझकर प्रलोभनवश लापरवाही नहीं कर सकता। कार्यक्रम में डा. आकांक्षा ठक्कर ने महिलाओं के सौंदर्य संबंधी उत्तर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के शरीर की प्रवृत्ति भिन्न भिन्न होती है। किसी को धूप हानि पहुंचा सकती है तो किसी को धूप आवश्यक होती है। इस अवसर पर संस्था के महासचिव गोविंद्र सिंह, शिवानी सिंह, अजय भाटिया, आशु सिंधु, विरेंद्र भारती, एचएस ग्रोवर, कमल शर्मा, केके गर्ग, राज जुनेजा, रवि जुनेजा, मनोज खुराना, वीनू संधू, रजनी मखीजा, विकास खरबंदा, नवीन आनंद आदि मौजूद रहे।