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175 खातों के जरिये हड़पे 58 लाख, तीन जांच, नतीजा सिफर

Fri, 11 Sep 2020 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2020 12:00 AM IST
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58 lakhs seized through 175 accounts, three investigations, result cipher
175 खातों के जरिये हड़पे 58 लाख, तीन जांच, नतीजा सिफर
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सहारनपुर। कागजों में मदरसा संचालित कर छात्रवृत्ति घोटाले में 175 बैंक खातों के माध्यम से 58 लाख रुपये की धनराशि हड़पी गई। इस मामले की तीन बार जांच हुई, जिसमें दो अधिकारियों और सहित आठ कर्मचारियों की गर्दन फंसी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। जबकि शासन ने रिकवरी और कार्रवाई के निर्देश दिए हुए हैं। बावजूद घोटाले की फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी है।
यह था मामला
बेहट क्षेत्र के बादशाही बाग में कादरिया उल उलमा एंग्लो मदरसा संचालित होना दिखाया गया था। इसमें बच्चों का दाखिला और हॉस्टल होना भी बताया गया। मुख्यमंत्री पोर्टल और मंडलायुक्त से शिकायत होने पर मार्च 2018 में जांच हुई तो मदरसा कागजों में चलता मिला। जिस व्यक्ति और कमेटी के नाम पर यह मदरसा संचालित हो रहा था, उसने उच्च अधिकारियों को शपथ पत्र देकर बताया था कि वर्ष 2012 में मदरसा बंद कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी कागजों में मदरसा संचालित रहा। वर्ष 2016 और 2017 में छात्रवृत्ति के नाम पर सरकार से प्राप्त 58 लाख रुपये विभिन्न खातों के माध्यम से हड़प लिए गए थे।
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पहली जांच रिपोर्ट
अप्रैल 2018 में इस मामले में पहली जांच हुई, जो तत्कालीन बेहट तहसीलदार द्वारा की गई थी। उनकी रिपोर्ट में बताया गया था कि मदरसा संचालित हो रहा है और रमजान होने की वजह से छात्र छुट्टी पर हैं, लेकिन मदरसे की बिल्डिंग ठीक नहीं है। तब फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों को क्लीन चिट मिल गई थी।
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दूसरी जांच
नवंबर 2018 में दूसरी जांच हुई, जो जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के उपनिदेशक व तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शरद कुमार श्रीवास्तव ने की। उसमें मदरसा कागजों में संचालित कर फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट दी गई। बताया कि मौके पर मदरसे की बिल्डिंग नहीं मिली और कोई छात्र भी नहीं मिला। इसमें दो अधिकारियों सहित विभाग के आठ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई गई। बताया कि मोरगंज बाजार स्थित एक बैंक की शाखा में खोले गए 175 खातों के जरिये छात्रवृत्ति घोटाला किया गया है, जिसके बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक मनोज सिन्हा ने रिकवरी करने के साथ ही कार्रवाई के निर्देश दिए।

तीसरी जांच
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की अध्यक्षता में डीआईओएस और डीडीओ ने छह माह पूर्व इस प्रकरण की तीसरी जांच की। उसमें भी फर्जीवाड़ा होने की पुष्टि हुई और पर्याप्त सुबूत मिले। दूसरी बार हुई जांच सत्यापित करते हुए ही रिपोर्ट दी गई। इसकी जांच रिपोर्ट छह माह पूर्व उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई। जांच में बैंक खातों के माध्यम से पैसा हड़पने और दो अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत होने की पुष्टि की गई।
शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट: भरत
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी भरत लाल गौड़ ने बताया कि मदरसा घोटाले की जांच शासन को भेजी जाएगी। शासन के निर्देशानुसार ही कार्रवाई होगी।
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