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...ताकि डिकोड न हो पाए मैसेज
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सहारनपुर। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य शाहनवाज और आकिब ने अपने आका से संपर्क करने के अलावा फिदायीन तैयार करने में स्पेशल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करके चतुराई दिखाई, लेकिन वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इसकी परतें खुल रहीं है।
एटीएस ने देवबंद से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य शाहनवाज और आकिब मलिक को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को लखनऊ ले जाकर एटीएस ने गहनता से पूछताछ की। आरोपियों के मोबाइल फोन से भी छानबीन की गई, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। यह भी पता चला कि आरोपियों द्वारा बीबीएम (ब्लैकबेरी मेसेंजर) का इस्तेमाल अपने साथियों तथा जैश-ए-मोहम्मद के आका से संपर्क साधने में किया जा रहा था।
इस स्पेशल एप्लीकेशन के बारे में पड़ताल की गई, तो पता चला कि इसके द्वारा भेजे गए मेसेज तथा की गई चैटिंग को आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता है। इस बात का पता आतंकियों को भी था, इसीलिए उन्होंने इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया, लेकिन आरोपियों को इस बात की भनक नहीं थी कि गिरफ्तारी होने पर उनके मोबाइल से सभी राज बाहर निकल आएंगे।
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तकनीकि जानकारी के एक्सपर्ट हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों द्वारा मेसेजिंग और वॉयस कॉलिंग के लिए स्पेशल एप्लीकेशन इस्तेमाल करने से यह भी स्पष्ट हो चुका है कि तकनीकी रूप से दोनों आरोपी एक्सपर्ट हैं। क्योंकि इस्तेमाल किया गया स्पेशल एप्लीकेशन केनेडियन है, जिसके बारे में पुख्ता जानकारी करने के बाद ही आरोपियों ने इस्तेमाल किया।
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एटीएस ने देवबंद से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य शाहनवाज और आकिब मलिक को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को लखनऊ ले जाकर एटीएस ने गहनता से पूछताछ की। आरोपियों के मोबाइल फोन से भी छानबीन की गई, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। यह भी पता चला कि आरोपियों द्वारा बीबीएम (ब्लैकबेरी मेसेंजर) का इस्तेमाल अपने साथियों तथा जैश-ए-मोहम्मद के आका से संपर्क साधने में किया जा रहा था।
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इस स्पेशल एप्लीकेशन के बारे में पड़ताल की गई, तो पता चला कि इसके द्वारा भेजे गए मेसेज तथा की गई चैटिंग को आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता है। इस बात का पता आतंकियों को भी था, इसीलिए उन्होंने इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया, लेकिन आरोपियों को इस बात की भनक नहीं थी कि गिरफ्तारी होने पर उनके मोबाइल से सभी राज बाहर निकल आएंगे।
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गिरफ्तार आरोपियों द्वारा मेसेजिंग और वॉयस कॉलिंग के लिए स्पेशल एप्लीकेशन इस्तेमाल करने से यह भी स्पष्ट हो चुका है कि तकनीकी रूप से दोनों आरोपी एक्सपर्ट हैं। क्योंकि इस्तेमाल किया गया स्पेशल एप्लीकेशन केनेडियन है, जिसके बारे में पुख्ता जानकारी करने के बाद ही आरोपियों ने इस्तेमाल किया।