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बारिश, ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:53 AM IST
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बारिश, ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
सरसावा। अचानक तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित करने के साथ ही फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी धान, गन्ने की फसल सहित सब्जियों को भी काफी क्षति पहुंची है। वहीं, क्षेत्र में सड़कों से लेकर निचले इलाकों में भारी जलभराव हा गया। इन हालात में क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति चौपट हो गई। अनेक स्थानों पर खंभे टूट गए, तो कहीं खंभों पर पेड़ गिर गए।
बारिश के पानी की निकासी नहीं होने के कारण अंबाला रोड तथा नगर के निचले इलाकों में तालाब जैसे हालात बन गए। वहीं सबसे खराब स्थिति तो किसानों की हुई। जिन किसानों की धान की फसल खेतों में खड़ी थी, वो तो पूरी तरह से बिछ गई। बरसात तथा तेज हवा के कारण गन्ने की फसल भी गिर गई। ग्राम के सलूनी के किसान भीम सिंह, गोविंदपुर के ओमप्रकाश सैनी, अगवानहेड़ा के दलीप सिंह, तेलीपुरा के कृष्णपाल चौधरी, बुढेड़ा के रविंद्र चौधरी, बलवंतपुर के प्रदीप सैनी ने बताया कि खेतों में गिरी हुई धान की फसल काली पड़ जाएगी जिसका कोई खरीदार नहीं मिलेगा।
बारिश से खेतों में गन्ना गिर गया है। जिस जगह से टूटा है उससे ऊपर गन्ने को पूरा पोषण नही मिलेगा। इससे गन्ने का वजन और रिकवरी दोनों घटेंगी। किसानों ने कहा कि इस बरसात ने फसलों को नुकसान ही पहुंचाया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों के खेतों का सर्वे कराकर उन्हें आर्थिक मदद दी जाए।
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सरसावा। अचानक तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित करने के साथ ही फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी धान, गन्ने की फसल सहित सब्जियों को भी काफी क्षति पहुंची है। वहीं, क्षेत्र में सड़कों से लेकर निचले इलाकों में भारी जलभराव हा गया। इन हालात में क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति चौपट हो गई। अनेक स्थानों पर खंभे टूट गए, तो कहीं खंभों पर पेड़ गिर गए।
बारिश के पानी की निकासी नहीं होने के कारण अंबाला रोड तथा नगर के निचले इलाकों में तालाब जैसे हालात बन गए। वहीं सबसे खराब स्थिति तो किसानों की हुई। जिन किसानों की धान की फसल खेतों में खड़ी थी, वो तो पूरी तरह से बिछ गई। बरसात तथा तेज हवा के कारण गन्ने की फसल भी गिर गई। ग्राम के सलूनी के किसान भीम सिंह, गोविंदपुर के ओमप्रकाश सैनी, अगवानहेड़ा के दलीप सिंह, तेलीपुरा के कृष्णपाल चौधरी, बुढेड़ा के रविंद्र चौधरी, बलवंतपुर के प्रदीप सैनी ने बताया कि खेतों में गिरी हुई धान की फसल काली पड़ जाएगी जिसका कोई खरीदार नहीं मिलेगा।
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बारिश से खेतों में गन्ना गिर गया है। जिस जगह से टूटा है उससे ऊपर गन्ने को पूरा पोषण नही मिलेगा। इससे गन्ने का वजन और रिकवरी दोनों घटेंगी। किसानों ने कहा कि इस बरसात ने फसलों को नुकसान ही पहुंचाया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों के खेतों का सर्वे कराकर उन्हें आर्थिक मदद दी जाए।
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