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नगर निगम में समस्याएं लेकर भटक रहे फरियादी
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:20 AM IST
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नगर निगम में समस्याएं लेकर भटक रहे फरियादी
सहारनपुर। नगर निगम में इन दिनों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर भटक रहे हैं। उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। इसकी मुख्य वजह नगरायुक्त और महापौर का सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में न बैठना है। फरियादियों को कभी कुर्सी खाली मिलती है तो कभी कार्यालय पर ताला जड़ा मिलता है।
आम आदमी से जुड़ी बुनियादी जरूरतों जैसे पानी, पथ प्रकाश, सड़क, नाली, साफ-सफाई आदि का जिम्मा नगर निगम पर है। ऐसे में शहरवासियों की सबसे अधिक समस्याएं, शिकायतें और मांग भी नगर निगम से ही रहती हैं। ऐसे में काफी संख्या में शिकायतकर्ता भी यहीं पहुंचते हैं। मगर नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह पर नगर निगम के साथ ही विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है। एक साथ दो-दो विभाग संभालने की वजह से वह दोनों जगह आधा-आधा समय दे रहे हैं। वह सुबह दस बजे से 12 बजे तक विकास प्राधिकरण में बैठते हैं और 12 बजे के बाद नगर निगम पहुंचते हैं। ऐसे में फरियादी नगर निगम में भटक रहे हैं। महापौर भी अपेक्षित समय नहीं दे पा रहे हैं। निगम सूत्रों ने बताया कि महापौर शाम के समय अपने कार्यालय में आते हैं, जबकि उस समय नगर निगम खाली हो जाता है। साथ ही उस समय कोई शिकायतकर्ता भी नहीं आता है। शनिवार को शिकायत लेकर पहुंचे फैजान सहित अन्य फरियादियों ने बताया कि वह पूर्वाह्न करीब 11 बजे नगरायुक्त से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे तो दरवाजा बंद था और बाहर कुत्ता आराम फरमा रहा था। पूछने पर कर्मचारी ने बताया कि वह बाहर हैं। इसके बाद वह महापौर के कार्यालय गए थे वहां भी कुर्सी खाली पड़ी थी। ऐसी ही शिकायत हसनपुर नविासी पवन की थी। उन्होंने बताया कि वह जब भी आते हैं उन्हें न तो नगरायुक्त मिलते हैं न ही महापौर।
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नगर निगम के साथ ही विकास प्राधिकरण की भी जिम्मेदारी मिली हुई है। चूंकि प्राधिकरण भी महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में उसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्राधिकरण में सुबह दस से 12 बजे तक समय दे रहा हूं। 12 बजे से नगर निगम में लगातार बैठकर जन समस्याएं सुनने के साथ ही अन्य कार्य निपटाए जा रहे हैं। नगर निपगम में नोटिस चस्पा किया हुआ है, जिसमें फरियादियों से 12 बजे आने की बात लिखी गई है।
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ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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मैं सुबह आठ बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक कैंप कार्यालय पर बैठकर जनता की समस्याएं सुनता हूं। इसके बाद अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक नगर निगम में अपने कार्यालय में लगातार बैठता हूं। जो फरियादी न मिल पाएं हों, वे भी कार्य दिवसों में मिल सकते हैं।
- संजीव वालिया, महापौर।
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सहारनपुर। नगर निगम में इन दिनों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर भटक रहे हैं। उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। इसकी मुख्य वजह नगरायुक्त और महापौर का सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में न बैठना है। फरियादियों को कभी कुर्सी खाली मिलती है तो कभी कार्यालय पर ताला जड़ा मिलता है।
आम आदमी से जुड़ी बुनियादी जरूरतों जैसे पानी, पथ प्रकाश, सड़क, नाली, साफ-सफाई आदि का जिम्मा नगर निगम पर है। ऐसे में शहरवासियों की सबसे अधिक समस्याएं, शिकायतें और मांग भी नगर निगम से ही रहती हैं। ऐसे में काफी संख्या में शिकायतकर्ता भी यहीं पहुंचते हैं। मगर नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह पर नगर निगम के साथ ही विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है। एक साथ दो-दो विभाग संभालने की वजह से वह दोनों जगह आधा-आधा समय दे रहे हैं। वह सुबह दस बजे से 12 बजे तक विकास प्राधिकरण में बैठते हैं और 12 बजे के बाद नगर निगम पहुंचते हैं। ऐसे में फरियादी नगर निगम में भटक रहे हैं। महापौर भी अपेक्षित समय नहीं दे पा रहे हैं। निगम सूत्रों ने बताया कि महापौर शाम के समय अपने कार्यालय में आते हैं, जबकि उस समय नगर निगम खाली हो जाता है। साथ ही उस समय कोई शिकायतकर्ता भी नहीं आता है। शनिवार को शिकायत लेकर पहुंचे फैजान सहित अन्य फरियादियों ने बताया कि वह पूर्वाह्न करीब 11 बजे नगरायुक्त से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे तो दरवाजा बंद था और बाहर कुत्ता आराम फरमा रहा था। पूछने पर कर्मचारी ने बताया कि वह बाहर हैं। इसके बाद वह महापौर के कार्यालय गए थे वहां भी कुर्सी खाली पड़ी थी। ऐसी ही शिकायत हसनपुर नविासी पवन की थी। उन्होंने बताया कि वह जब भी आते हैं उन्हें न तो नगरायुक्त मिलते हैं न ही महापौर।
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नगर निगम के साथ ही विकास प्राधिकरण की भी जिम्मेदारी मिली हुई है। चूंकि प्राधिकरण भी महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में उसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्राधिकरण में सुबह दस से 12 बजे तक समय दे रहा हूं। 12 बजे से नगर निगम में लगातार बैठकर जन समस्याएं सुनने के साथ ही अन्य कार्य निपटाए जा रहे हैं। नगर निपगम में नोटिस चस्पा किया हुआ है, जिसमें फरियादियों से 12 बजे आने की बात लिखी गई है।
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ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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मैं सुबह आठ बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक कैंप कार्यालय पर बैठकर जनता की समस्याएं सुनता हूं। इसके बाद अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक नगर निगम में अपने कार्यालय में लगातार बैठता हूं। जो फरियादी न मिल पाएं हों, वे भी कार्य दिवसों में मिल सकते हैं।
- संजीव वालिया, महापौर।