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बैंकों से कर्ज न मिलने से किसान परेशान
Updated Tue, 08 May 2018 12:13 AM IST
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जिला सहकारी बैंकों से कर्ज न मिलने से किसान परेशान
साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। पिछले एक वर्ष से जिला सहकारी बैंकों द्वारा किसानों को कर्ज न मिलने के चलते किसान परेशान है। इन बैंकों में जिन किसानों ने एक नवंबर 2017 से पूर्व अपना कर्जा चुका दिया था, उन्हें जमा की धनराशि का मात्र 25 फीसदी धन ही मिल पा रहा है।
किसानों को सोसाइटी से उधार मिलने वाला खाद, बीज एवं कीटनाशक पिछले एक वर्ष से उसे उधार नहीं मिल पा रहा है। उसे बुआई में बीज से लेकर खाद एवं कीटनाशक समितियों द्वारा केवल नकद मिल पा रहा है। सहकारी बैंक उसे पर्याप्त फसली कर्ज नही दे रहे हैं। जिन किसानों ने अपना फसली कर्ज एक नवंबर 2017 से पहले बैंक को जमा करा दिया था। उन्हें जमा की गई धनराशि का 25 प्रतिशत भाग ही मिल पा रहा है। समय से कर्ज चुकाने का खमियाजा भी किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
किसान अवनीश कुमार, केहर सिंह, श्यामलाल, सुखबीर सिंह, प्रमोद कुमार, राजबीर सिंह, प्रेमपाल सिंह, योगेन्द्र सिंह, मासूम, अफजाल, अहसान आदि का कहना है कि पिछले एक वर्ष से साधन सहकारी समिति उन्हे खाद, बीज एवं कीटनाशक उधार नहीं दे रही हैं। सहकारी बैंक जमा की गयी धनराशि का 25 प्रतिशत भाग देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। उनके गन्ने की फसल का भुगतान भी मिलों द्वारा समय से नहीं मिल पा रहा है। ऐसे मे वे अपनी फसलों को पैदा करने एवं लागत के लिए कहां से धन लगाए। किसानों का मानना है कि इतनी कम धनराशि से फसलों की बुआई भी ठीक से नही की जा सकती है। इस धनराशि को लेने के लिए भी सप्ताह भर उसे समिति एवं बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं। समिति द्वारा फसली कर्ज मिलने से वे अपनी फसलों में पर्याप्त लागत लगा पैदावार बढ़ाने का प्रयास करते थे। अब उन्हें अपनी फसलों को लागत देने के लिए मंडियों के बिचैलियों या साहूकारों की ओर रुख करना पड़ रहा है ताकि समय पर फसलों को पर्याप्त लागत मिल सके।
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साधन सहकारी समिति लोदीपुर के सभापति सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस व्यवस्था से किसान बेहद परेशान हैं। कई बार अधिकारियों से उक्त समस्या के बारे में अवगत कराया जा चुका है। किसान हित में उसे उसकी जमीन के आधार पर पर्याप्त फसली ऋण मिलना चाहिए।
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पिछले एक वर्ष से किसानों को नकद खाद, बीज एवं कीटनाशक देने के आदेश हैं। हालांकि इससे बिक्री प्रभावित हुई है। लेकिन अभी उधार देने के कोई आदेश नहीं है।
- जनेश्वर सिंह सचिव साधन सहकारी समिति लोदीपुर
बैंक पहले ही घाटे में चल रहा है। गत वर्ष से किसान द्वारा जमा कराई गई धनराशि का 25 प्रतिशत भाग देने का आदेश है, वही दिया जा रहा है।
नीरज संचान शाखा प्रबंधक सहकारी बैंक साढौली कदीम
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। पिछले एक वर्ष से जिला सहकारी बैंकों द्वारा किसानों को कर्ज न मिलने के चलते किसान परेशान है। इन बैंकों में जिन किसानों ने एक नवंबर 2017 से पूर्व अपना कर्जा चुका दिया था, उन्हें जमा की धनराशि का मात्र 25 फीसदी धन ही मिल पा रहा है।
किसानों को सोसाइटी से उधार मिलने वाला खाद, बीज एवं कीटनाशक पिछले एक वर्ष से उसे उधार नहीं मिल पा रहा है। उसे बुआई में बीज से लेकर खाद एवं कीटनाशक समितियों द्वारा केवल नकद मिल पा रहा है। सहकारी बैंक उसे पर्याप्त फसली कर्ज नही दे रहे हैं। जिन किसानों ने अपना फसली कर्ज एक नवंबर 2017 से पहले बैंक को जमा करा दिया था। उन्हें जमा की गई धनराशि का 25 प्रतिशत भाग ही मिल पा रहा है। समय से कर्ज चुकाने का खमियाजा भी किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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किसान अवनीश कुमार, केहर सिंह, श्यामलाल, सुखबीर सिंह, प्रमोद कुमार, राजबीर सिंह, प्रेमपाल सिंह, योगेन्द्र सिंह, मासूम, अफजाल, अहसान आदि का कहना है कि पिछले एक वर्ष से साधन सहकारी समिति उन्हे खाद, बीज एवं कीटनाशक उधार नहीं दे रही हैं। सहकारी बैंक जमा की गयी धनराशि का 25 प्रतिशत भाग देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। उनके गन्ने की फसल का भुगतान भी मिलों द्वारा समय से नहीं मिल पा रहा है। ऐसे मे वे अपनी फसलों को पैदा करने एवं लागत के लिए कहां से धन लगाए। किसानों का मानना है कि इतनी कम धनराशि से फसलों की बुआई भी ठीक से नही की जा सकती है। इस धनराशि को लेने के लिए भी सप्ताह भर उसे समिति एवं बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं। समिति द्वारा फसली कर्ज मिलने से वे अपनी फसलों में पर्याप्त लागत लगा पैदावार बढ़ाने का प्रयास करते थे। अब उन्हें अपनी फसलों को लागत देने के लिए मंडियों के बिचैलियों या साहूकारों की ओर रुख करना पड़ रहा है ताकि समय पर फसलों को पर्याप्त लागत मिल सके।
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साधन सहकारी समिति लोदीपुर के सभापति सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस व्यवस्था से किसान बेहद परेशान हैं। कई बार अधिकारियों से उक्त समस्या के बारे में अवगत कराया जा चुका है। किसान हित में उसे उसकी जमीन के आधार पर पर्याप्त फसली ऋण मिलना चाहिए।
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पिछले एक वर्ष से किसानों को नकद खाद, बीज एवं कीटनाशक देने के आदेश हैं। हालांकि इससे बिक्री प्रभावित हुई है। लेकिन अभी उधार देने के कोई आदेश नहीं है।
- जनेश्वर सिंह सचिव साधन सहकारी समिति लोदीपुर
बैंक पहले ही घाटे में चल रहा है। गत वर्ष से किसान द्वारा जमा कराई गई धनराशि का 25 प्रतिशत भाग देने का आदेश है, वही दिया जा रहा है।
नीरज संचान शाखा प्रबंधक सहकारी बैंक साढौली कदीम