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खैर की लकड़ी का तस्कर पकड़ा, निकली जड़ी बूटियों एवं सामान्य लकड़ी
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:28 AM IST
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सहारनपुर। कुतुबशेर पुलिस ने एक नेपाली युवक को खैर की लकड़ी का अंतरराष्ट्रीय तस्कर बताते हुए पकड़कर लॉकअप में बंद कर दिया। जब लकड़ी की जांच कराई गई तो लकड़ी जड़ी बूटियों एवं सामान्य निकलीं। पुलिस सुपुर्दगी के लिए उसके परिजनों का इंतजार कर रही है।
मंगलवार की रात को बोरों में लकड़ियां लेकर जा रहे एक युवक को मछली बाजार में पुलिस ने रोक लिया और उसे खैर तस्कर बताते हुए पकड़कर हवालात में बंद कर दिया। जबकि लकड़ियों को जब्त कर लिया। पकड़े गए युवक ने खुद को नेपाल का बताया और उसने खैर की लकड़ियां न होने के बारे में सफाई देता रहा, लेकिन पुलिस उसे संदिग्ध मानती रही। केवल अपना नाम शिवान पुत्र भीमा निवासी चंबा नेपाल ही बता पाया। पुलिस ने उसे खैर तस्कर मानते हुए थाना पर लॉकअप में डाल दिया। बुधवार को जब वन विभाग से लकड़ी की जांच कराई गई तो वन क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार ने लकड़ी खैर की बजाय जड़ी बूटियों की बताई। जिस पर उसे लॉकअप से बाहर निकाला गया। पुलिस उसे सुपुर्दगी में देने के लिए उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास करती रही। शहर में नेपाल के रहने वाले लोगों से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया। रात आठ बजे तक भी आरोपी युवक थाना में ही बैठाए रखा था। थाना प्रभारी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि वन विभाग से जांच कराई गई तो लकड़ी खैर की नहीं पाई गई। आरोपी के जानने वालों के सुपुर्द करने के लिए उनका इंतजार किया जा रहा है।
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मंगलवार की रात को बोरों में लकड़ियां लेकर जा रहे एक युवक को मछली बाजार में पुलिस ने रोक लिया और उसे खैर तस्कर बताते हुए पकड़कर हवालात में बंद कर दिया। जबकि लकड़ियों को जब्त कर लिया। पकड़े गए युवक ने खुद को नेपाल का बताया और उसने खैर की लकड़ियां न होने के बारे में सफाई देता रहा, लेकिन पुलिस उसे संदिग्ध मानती रही। केवल अपना नाम शिवान पुत्र भीमा निवासी चंबा नेपाल ही बता पाया। पुलिस ने उसे खैर तस्कर मानते हुए थाना पर लॉकअप में डाल दिया। बुधवार को जब वन विभाग से लकड़ी की जांच कराई गई तो वन क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार ने लकड़ी खैर की बजाय जड़ी बूटियों की बताई। जिस पर उसे लॉकअप से बाहर निकाला गया। पुलिस उसे सुपुर्दगी में देने के लिए उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास करती रही। शहर में नेपाल के रहने वाले लोगों से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया। रात आठ बजे तक भी आरोपी युवक थाना में ही बैठाए रखा था। थाना प्रभारी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि वन विभाग से जांच कराई गई तो लकड़ी खैर की नहीं पाई गई। आरोपी के जानने वालों के सुपुर्द करने के लिए उनका इंतजार किया जा रहा है।
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