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ब्रिटेन स्कूल की सरकार से सिफारिश, स्कूल में बैन हो हिजाब और रोजा रखना....
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:53 PM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। ब्रिटेन के एक स्कूल द्वारा सरकार से स्कूलों में मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने और रोजा रखने पर बैन लगाए जाने की मांग किए जाने पर देवबंदी उलमा ने कड़ा ऐतराज जताया है। उलमा का कहना है कि इस वक्त पूरी दुनिया में इस्लाम मुखालिफ लहर चल रही है ये उसी का नतीजा है।
सोमवार को अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि हिजाब पहनना, रोजा रखना और नमाज पढ़ना इस्लाम धर्म का अहम हिस्सा है। किसी भी स्कूल या दूसरे इदारे में इन कामों पर पाबंदी लगाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यह मसला पहला नहीं है इससे पूर्व भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन मुसलमानों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इस वक्त पूरी दुनिया में इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाया गया है। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वे इससे परेशान न हों और एकजुट होकर इस्लाम दुश्मन ताकतों का विरोध करें। मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि विदेशों में इस प्रकार के फरमान आए दिन जारी हो रहे हैं। लेकिन आज तक किसी भी देश में मुसलमानों को उनके हकों से वंचित नहीं रखा जा सका।
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सोमवार को अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि हिजाब पहनना, रोजा रखना और नमाज पढ़ना इस्लाम धर्म का अहम हिस्सा है। किसी भी स्कूल या दूसरे इदारे में इन कामों पर पाबंदी लगाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यह मसला पहला नहीं है इससे पूर्व भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन मुसलमानों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इस वक्त पूरी दुनिया में इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाया गया है। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वे इससे परेशान न हों और एकजुट होकर इस्लाम दुश्मन ताकतों का विरोध करें। मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि विदेशों में इस प्रकार के फरमान आए दिन जारी हो रहे हैं। लेकिन आज तक किसी भी देश में मुसलमानों को उनके हकों से वंचित नहीं रखा जा सका।
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