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एडीएम एफ ने भेजा महाराज जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसायटी को नोटिस
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:42 AM IST
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सहारनपुर। निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदने के मामले में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने पंजाब के जिला अमृतसर की तहसील बाबा बकाला पोस्ट डेरा बाबा जयमल सिंह स्थित महाराज जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसायटी के प्रबंधक को नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इसके लिए 28 नवंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।
अपर जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया कि तहसील नकुड़ परगना सरसावा के ग्राम रजधान, सरूरपुर गाडा, और ननवाखेड़ी में सोसायटी ने विभिन्न लेख पत्रों के माध्यम से 69.78683 हेक्टेयर भूमि को खरीदी गई है। इसमें 13.549 हैक्टेयर भूमि को क्रय करने के लिए इकरारनामे पंजीकृत कराए गए है। समस्त भूमि संगठित रूप से एक ही परिसर के रूप में है। नोटिस में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के अनुसार कोई भी व्यक्ति प्रदेश में 12.50 एकड से अधिक भूमि बगैर किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के घृत करने के लिए अधिकृत नहीं है। उन्होंने इस मामले में सोसायटी को अपना पक्ष रखने के लिए 28 नवंबर को सुबह 10 बजे का समय दिया है। उन्होंने कहा कि नोटिस के बाद भी अपना पक्ष निर्धारित तिथि एवं समय पर प्रस्तुत नहीं करने पर यह माना जाएगा कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। फिर इस पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 104-105 के अनुसार अंतिम कार्रवाई कर दी जाएगी।
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अपर जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया कि तहसील नकुड़ परगना सरसावा के ग्राम रजधान, सरूरपुर गाडा, और ननवाखेड़ी में सोसायटी ने विभिन्न लेख पत्रों के माध्यम से 69.78683 हेक्टेयर भूमि को खरीदी गई है। इसमें 13.549 हैक्टेयर भूमि को क्रय करने के लिए इकरारनामे पंजीकृत कराए गए है। समस्त भूमि संगठित रूप से एक ही परिसर के रूप में है। नोटिस में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के अनुसार कोई भी व्यक्ति प्रदेश में 12.50 एकड से अधिक भूमि बगैर किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के घृत करने के लिए अधिकृत नहीं है। उन्होंने इस मामले में सोसायटी को अपना पक्ष रखने के लिए 28 नवंबर को सुबह 10 बजे का समय दिया है। उन्होंने कहा कि नोटिस के बाद भी अपना पक्ष निर्धारित तिथि एवं समय पर प्रस्तुत नहीं करने पर यह माना जाएगा कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। फिर इस पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 104-105 के अनुसार अंतिम कार्रवाई कर दी जाएगी।
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