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चंद्रशेखर से रासुका हटाने की मांग
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:14 AM IST
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चंद्रशेखर रावण से रासुका हटाने की मांग
देवबंद (सहारनपुर)। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर रासुका में कार्रवाई होने से दलित समाज में रोष है। दलित समाज के लोगों ने एसडीएम रामविलास यादव के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर रासुका हटाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि शब्बीरपुर गांव में कुछ दबंगों ने दलित समाज के घरों में आग लगा दी थी। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और जानलेना हमला किया था। विरोध करने पर भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद समेत 40-45 युवकों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल भेज दिया गया। चंद्रशेखर आजाद और कमल वालिया की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हो गई। लेकिन शासन-प्रशासन ने मनमानी दिखाते हुए चंद्रशेखर पर रासुका में कार्रवाई कर दी। यह मानवाधिकारों का भी खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन चंद्रशेखर को जेल से बाहर नहीं आने देना चाहता है। चेतावनी दी यदि जब तक चंद्रशेखर आजाद पर लगी रासुका को हटाया नहीं जाएगा, दलित समाज आंदोलन जारी रखेगा। ज्ञापन देने वालों में पिंटू, प्रवीन, राहुल, नवनीत आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर रासुका में कार्रवाई होने से दलित समाज में रोष है। दलित समाज के लोगों ने एसडीएम रामविलास यादव के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर रासुका हटाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि शब्बीरपुर गांव में कुछ दबंगों ने दलित समाज के घरों में आग लगा दी थी। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और जानलेना हमला किया था। विरोध करने पर भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद समेत 40-45 युवकों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल भेज दिया गया। चंद्रशेखर आजाद और कमल वालिया की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हो गई। लेकिन शासन-प्रशासन ने मनमानी दिखाते हुए चंद्रशेखर पर रासुका में कार्रवाई कर दी। यह मानवाधिकारों का भी खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन चंद्रशेखर को जेल से बाहर नहीं आने देना चाहता है। चेतावनी दी यदि जब तक चंद्रशेखर आजाद पर लगी रासुका को हटाया नहीं जाएगा, दलित समाज आंदोलन जारी रखेगा। ज्ञापन देने वालों में पिंटू, प्रवीन, राहुल, नवनीत आदि मौजूद रहे।
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