{"_id":"59cd48f54f1c1b79548b4d59","slug":"51506625781-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 स्टोन क्रशर मालिकों की 50 करोड की आरसी कटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 स्टोन क्रशर मालिकों की 50 करोड की आरसी कटी
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। अवैध खनन मामले में 18 लोगों की 241 करोड़ की आरसी काटने के बाद स्टोन क्रशर स्वामियों पर भी शिकंजा कस दिया गया है। 15 स्टोन क्रशर स्वामियों की करीब 50 करोड़ रुपये की आरसी काट दी गई है। अवैध खनन के मामलों में जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी पीके पांडे के सख्त रुख के बाद जहां अवैध खनन में लिप्त 18 लोगों की 241 करोड़ रुपये की आरसी काटी गई है वहीं 15 स्टोन क्रशर स्वामियों के भी करीब 50 करोड़ रुपये के वसूली प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इससे साफ जाहिर है कि जिला प्रशासन हर सूरत में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। बता देें कि जिलाधिकारी द्वारा खनन विभाग की फाइलों को देखने के बाद पता चला था कि 437 मामलों को दबाकर रखा गया था। इस पर डीएम ने खान अधिकारी को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने बताया कि अवैध खनन के 18 लोगों के खिलाफ 241 करोड़ और 15 स्टोन क्रशर स्वामियों की करीब 50 करोड़ रुपये की आरसी जारी की गई है।
शासन से मांगी सुप्रीम कोर्ट जाने की अनुमति
सहारनपुर। जिले में खनन सामग्री और उसके परिवहन पर रोक लगने के चलते विकास कार्यों पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एनजीटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी डालने के लिए शासन से अनुमति चाही है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने बताया कि पिछले करीब 8 महीने से एनजीटी में तारीखें लग रही हैं। खनन सामग्री नहीं होने से जनपद में विकास कार्य ठप पडे़ हैं। उन्होंने बताया कि यदि शासन से अनुमति मिली को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की जाएगी।
विज्ञापन
शासन से मांगी सुप्रीम कोर्ट जाने की अनुमति
सहारनपुर। जिले में खनन सामग्री और उसके परिवहन पर रोक लगने के चलते विकास कार्यों पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एनजीटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी डालने के लिए शासन से अनुमति चाही है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने बताया कि पिछले करीब 8 महीने से एनजीटी में तारीखें लग रही हैं। खनन सामग्री नहीं होने से जनपद में विकास कार्य ठप पडे़ हैं। उन्होंने बताया कि यदि शासन से अनुमति मिली को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की जाएगी।
विज्ञापन