फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   15 स्टोन क्रशर मालिकों की 50 करोड की आरसी कटी

15 स्टोन क्रशर मालिकों की 50 करोड की आरसी कटी

Fri, 29 Sep 2017 12:39 AM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
15 स्टोन क्रशर मालिकों की 50 करोड की आरसी कटी
सहारनपुर। अवैध खनन मामले में 18 लोगों की 241 करोड़ की आरसी काटने के बाद स्टोन क्रशर स्वामियों पर भी शिकंजा कस दिया गया है। 15 स्टोन क्रशर स्वामियों की करीब 50 करोड़ रुपये की आरसी काट दी गई है। अवैध खनन के मामलों में जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी पीके पांडे के सख्त रुख के बाद जहां अवैध खनन में लिप्त 18 लोगों की 241 करोड़ रुपये की आरसी काटी गई है वहीं 15 स्टोन क्रशर स्वामियों के भी करीब 50 करोड़ रुपये के वसूली प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इससे साफ जाहिर है कि जिला प्रशासन हर सूरत में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। बता देें कि जिलाधिकारी द्वारा खनन विभाग की फाइलों को देखने के बाद पता चला था कि 437 मामलों को दबाकर रखा गया था। इस पर डीएम ने खान अधिकारी को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने बताया कि अवैध खनन के 18 लोगों के खिलाफ 241 करोड़ और 15 स्टोन क्रशर स्वामियों की करीब 50 करोड़ रुपये की आरसी जारी की गई है।
विज्ञापन


शासन से मांगी सुप्रीम कोर्ट जाने की अनुमति
सहारनपुर। जिले में खनन सामग्री और उसके परिवहन पर रोक लगने के चलते विकास कार्यों पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एनजीटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी डालने के लिए शासन से अनुमति चाही है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने बताया कि पिछले करीब 8 महीने से एनजीटी में तारीखें लग रही हैं। खनन सामग्री नहीं होने से जनपद में विकास कार्य ठप पडे़ हैं। उन्होंने बताया कि यदि शासन से अनुमति मिली को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed