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दहेज की खातिर विवाहिता की हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद
Updated Sat, 26 Aug 2017 01:07 AM IST
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विवाहिता की हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद
सहारनपुर। बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव बालू माजरा में पांच वर्ष पूर्व दहेज में कार नहीं लाने पर विवाहिता की गला घोंटकर हत्या किए जाने के मामले में कोर्ट ने पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। ग्राम बालू बाजरा में एक अगस्त 2012 को विवाहिता सोनम की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। सोनम केे भाई जसवीर निवासी ग्राम जिठौली थाना भावनपुर, मेरठ ने सोनम के पति प्रताप, ससुर लाल सिंह और पत्नी सुदेश पर दहेज में कार नहीं लाने पर गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती की कोर्ट में की गई। उन्होंने बताया कि नौ गवाहों का साक्ष्य कराने के बाद कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से बहस कराई गई। जिसमें पति, सास और ससुर तीनों को हत्या का दोषी पाया गया। एडीजीसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा के साथ तीनों पर 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई है।
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सहारनपुर। बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव बालू माजरा में पांच वर्ष पूर्व दहेज में कार नहीं लाने पर विवाहिता की गला घोंटकर हत्या किए जाने के मामले में कोर्ट ने पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। ग्राम बालू बाजरा में एक अगस्त 2012 को विवाहिता सोनम की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। सोनम केे भाई जसवीर निवासी ग्राम जिठौली थाना भावनपुर, मेरठ ने सोनम के पति प्रताप, ससुर लाल सिंह और पत्नी सुदेश पर दहेज में कार नहीं लाने पर गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती की कोर्ट में की गई। उन्होंने बताया कि नौ गवाहों का साक्ष्य कराने के बाद कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से बहस कराई गई। जिसमें पति, सास और ससुर तीनों को हत्या का दोषी पाया गया। एडीजीसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा के साथ तीनों पर 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई है।