{"_id":"5f80ae8a8ebc3e5fad3a9df7","slug":"50-crore-will-be-recovered-from-bsp-mlc-saharanpur-news-mrt505356855","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा एमएलसी से होगी पचास करोड़ रुपये की वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बसपा एमएलसी से होगी पचास करोड़ रुपये की वसूली
विज्ञापन
- महमूद अली, बसपा एमएलसी
- फोटो : SAHARANPUR
बसपा एमएलसी से होगी 50 करोड़ की वसूली
सहारनपुर। अवैध खनन करयमुना नदी और आसपास क्षेत्र में पर्यावरण को नुकसान पहुुंचाने के मामले में बसपा एमएलसी महमूद अली और अमित जैन से 50-50 करोड़ रुपये जुर्माने की वसूली होगी। तीन दिन पूर्व ही जिलाधिकारी ने दोनों से रकम की वसूली के लिए वसूली मांग पत्र (आरसी) जारी करते हुए तहसीलदार को पत्र भेजे हैं।
यह जुर्माना एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने लगाया गया था। 2016 में एनजीटी ने बसपा एमएलसी महमूद अली के अलावा अमित जैन, दिलशाद, वाजिद अली और विकास अग्रवाल पर 50-50 करोड़ रुपये और प्रधान स्टोन क्रशर पर ढाई करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रधान स्टोन क्रशर, विकास अग्रवाल, वाजिद अली और दिलशाद को राहत मिल गई थी, लेकिन महमूद अली और अमित जैन को राहत नहीं मिल पाई थी। इससे पहले जुलाई 2019 में प्रशासन ने आरसी जारी करते हुए इनके घरों पर आरसी के नोटिस चस्पा कराए थे, लेकिन मामला कोर्ट में होने के कारण वसूली नहीं हो पाई थी। अब 19 मार्च 2020 को एनजीटी ने फिर से प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर जुर्माने की रकम और पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली भू राजस्व की भांति करने और रकम उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा कराने को कहा है। गत छह अक्तूबर को जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने महमूद अली निवासी मिर्जापुर पोल तहसील बेहट और अमित जैन निवासी महावीर कॉलोनी चिलकाना रोड सहारनपुर के खिलाफ वसूली मांग पत्र जारी किया है।
विज्ञापन
सहारनपुर। अवैध खनन करयमुना नदी और आसपास क्षेत्र में पर्यावरण को नुकसान पहुुंचाने के मामले में बसपा एमएलसी महमूद अली और अमित जैन से 50-50 करोड़ रुपये जुर्माने की वसूली होगी। तीन दिन पूर्व ही जिलाधिकारी ने दोनों से रकम की वसूली के लिए वसूली मांग पत्र (आरसी) जारी करते हुए तहसीलदार को पत्र भेजे हैं।
यह जुर्माना एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने लगाया गया था। 2016 में एनजीटी ने बसपा एमएलसी महमूद अली के अलावा अमित जैन, दिलशाद, वाजिद अली और विकास अग्रवाल पर 50-50 करोड़ रुपये और प्रधान स्टोन क्रशर पर ढाई करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रधान स्टोन क्रशर, विकास अग्रवाल, वाजिद अली और दिलशाद को राहत मिल गई थी, लेकिन महमूद अली और अमित जैन को राहत नहीं मिल पाई थी। इससे पहले जुलाई 2019 में प्रशासन ने आरसी जारी करते हुए इनके घरों पर आरसी के नोटिस चस्पा कराए थे, लेकिन मामला कोर्ट में होने के कारण वसूली नहीं हो पाई थी। अब 19 मार्च 2020 को एनजीटी ने फिर से प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर जुर्माने की रकम और पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली भू राजस्व की भांति करने और रकम उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा कराने को कहा है। गत छह अक्तूबर को जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने महमूद अली निवासी मिर्जापुर पोल तहसील बेहट और अमित जैन निवासी महावीर कॉलोनी चिलकाना रोड सहारनपुर के खिलाफ वसूली मांग पत्र जारी किया है।
विज्ञापन