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अंधविश्वास त्यागकर शिक्षा की तरफ बढ़ें
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सरसावा (सहारनपुर)। वाल्मीकि समाज के दिशा निर्देशक संगठन भावाधस की बैठक में सर्वोच्च निर्देशक स्वामी चंद्रपाल अनार्य ने समाज को शिक्षा की राह पर चलने का संदेश दिया। स्वामी जी ने कहा कि यदि समाज को उत्थान करना है तो अंधविश्वासों को त्यागकर शिक्षा की नीति अपनानी होगी तभी समाज का व्यक्ति का विकास संभव है।
रविवार को नगर में नकुड़ रोड स्थित वाल्मीकि धर्मशाला में भावाधस के केंद्रीय पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता करते हुए भावाधस के सर्वोच्च निर्देशक स्वामी चंद्रपाल अनार्य कहा कि समाज की तरक्की का मार्ग सिर्फ शिक्षा ही खोल सकती है आज का युग विज्ञान का युग है जिसमें अनेक पाखंडों एवं अंधविश्वासों की पोल खोल कर रख दी है कंप्यूटर युग में भी यदि हम पाखंडों पर विश्वास करते है तो समाज गर्त में चला जाएगा। स्वामी जी ने शिक्षा की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि यदि सामाजिक धार्मिक उत्थान करना है तो आधुनिक शिक्षा को अपनाना ही होगा। इस मौके पर स्वामी जी ने वाल्मीकि मंदिर के समीप भावाधस के नव निर्मित कार्यालय का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री ओपी कल्याण ने किया। बालचंद आदिवासी, नरेश धींगान, चरण सिंह बबरीक, शिवकुमार बिरला, रवि सिद्धू, धर्मवीर अनार्य, त्रिलोक गिल, सूरत सिंह, धर्मंद्र प्रधान, ओपी भट्टी, नवीन टांक, सन्नी, बंटी, सोनू, जगजीत, रवि, नीरज आदि मौजूद रहे।
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रविवार को नगर में नकुड़ रोड स्थित वाल्मीकि धर्मशाला में भावाधस के केंद्रीय पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता करते हुए भावाधस के सर्वोच्च निर्देशक स्वामी चंद्रपाल अनार्य कहा कि समाज की तरक्की का मार्ग सिर्फ शिक्षा ही खोल सकती है आज का युग विज्ञान का युग है जिसमें अनेक पाखंडों एवं अंधविश्वासों की पोल खोल कर रख दी है कंप्यूटर युग में भी यदि हम पाखंडों पर विश्वास करते है तो समाज गर्त में चला जाएगा। स्वामी जी ने शिक्षा की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि यदि सामाजिक धार्मिक उत्थान करना है तो आधुनिक शिक्षा को अपनाना ही होगा। इस मौके पर स्वामी जी ने वाल्मीकि मंदिर के समीप भावाधस के नव निर्मित कार्यालय का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री ओपी कल्याण ने किया। बालचंद आदिवासी, नरेश धींगान, चरण सिंह बबरीक, शिवकुमार बिरला, रवि सिद्धू, धर्मवीर अनार्य, त्रिलोक गिल, सूरत सिंह, धर्मंद्र प्रधान, ओपी भट्टी, नवीन टांक, सन्नी, बंटी, सोनू, जगजीत, रवि, नीरज आदि मौजूद रहे।
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